आज से निशांत की सद्भाव यात्रा, JDU बोली- बिहार की राजनीति में नए युग का आगाज

जदयू के वरीय नेता निशांत कुमार रविवार यानी आज अपनी से सद्भाव यात्रा पर निकलेंगे। वे वाल्मीकिनगर से अपनी यात्रा की शुरुआत करेंगे। यात्रा के दौरान उनके अलावा जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार, संबंधित जिलों के सांसद, विधायक, विधानपार्षद तथा जिला से लेकर पंचायत स्तर तक के पदाधिकारीगण उपस्थित रहेंगे। निशांत कुमार 3 मई को पटना से सड़क मार्ग होते हुए वाल्मिकीनगर पहुंचेंगे। इसके पहले पटना से वाल्मीकिनगर के बीच एक दर्जन स्थानों पर उनका स्वागत होगा। इस दौरान सोनपुर, हाजीपुर मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बेतिया, लौरिया, बगहा में उनका स्वागत होगा। पिपराकोठी में वे गांधीजी की मूर्ति पर माल्यार्पण करेंगे।
इसके बाद शाम को वाल्मीगिनगर पहुंचेंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे। फिर 4 मई की सुबह वाल्मीकिनगर से बेतिया पहुंचेंगे। वहां कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होंगे। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि 3 मई से पश्चिमी चंपारण की पावन धरती से प्रारंभ हो रही निशांत कुमार की ऐतिहासिक सद्भाव यात्रा को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर है। उनमें नई ऊर्जा का संचार हुआ है। आम जनता में भी इस यात्रा को लेकर व्यापक उत्साह देखा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बापू की कर्मभूमि से आरंभ होने वाली यह यात्रा बिहार की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात करेगी। कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद से संगठनात्मक सुदृढ़ता के साथ-साथ सामाजिक समरसता को भी नई दिशा मिलेगी। निशांत ने संकल्प लिया है कि वे नीतीश कुमार द्वारा स्थापित न्याय के साथ विकास की नीति को और सशक्त रूप से आगे बढ़ाते हुए अधूरे कार्यों को पूर्ण करेंगे।
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि निशांत ने संकल्प लिया है कि वे नीतीश कुमार की ओर से स्थापित ”न्याय के साथ विकास” की नीति को और सशक्त रूप से आगे बढ़ाते हुए अधूरे कार्यों को पूर्ण करेंगे तथा उनके मार्गदर्शन में संगठन को नई मजबूती प्रदान करेंगे।
उमेश कुशवाहा ने कहा कि आज बिहार की करोड़ों जनता आशा और विश्वास के साथ श्री निशांत की ओर देख रही है। उन्होंने कहा कि वह जनता के बीच एक नई उम्मीद के रूप में उभरे हैं। उनकी सादगी, सहजता, शालीनता एवं सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की प्रतिबद्धता ने उन्हें अल्प समय में ही जनमानस के बीच विशेष पहचान दिलाई है।

जदयू बोली – तीर निशान, तय निशांत
आपको बता दें कि इससे पहले जदयू नेताओं ने शनिवार को कहा था कि यह यात्रा पार्टी के लिए एक नए युग का आगाज है, जिसका संकल्प शब्द है, तीर निशान, तय निशांत। जदयू के नेताओं ने बेतिया परिसदन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में एक स्वर में कहा था कि विकसित बिहार जदयू का लक्ष्य और सद्भाव उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि इसीलिए श्री कुमार की इस खास यात्रा का नाम सद्भाव दिया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार का भविष्य विकास, सद्भाव और सामाजिक न्याय के रास्ते पर ही आगे बढ़ेगा।




