सम्राट चौधरी से उपेंद्र कुशवाहा ने मांगी शाहाबाद में सेटेलाइट सिटी, CM से मिल क्या बोले RLM चीफ?

बिहार में 11 नए सेटेलाइट शहर बनाने के सम्राट सरकार के फैसले पर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने शाहाबाद क्षेत्र में सेटेलाइट सिटी की घोषणा नहीं होने का मुद्दा उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से शनिवार को मुलाकात की। कुशवाहा ने सीएम से कहा कि बिहार में 11 नई सेटेलाइट सिटी बनाने के निर्णय का वह स्वागत करते हैं। शाहाबाद क्षेत्र में भी एक टाउनशिप होनी चाहिए। उन्होंने रोहतास जिले में सासाराम और डेहरी के पास नया शहर बनाने की मांग रखी है।
राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने सीएम सम्राट से पटना में मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में खुद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शाहाबाद क्षेत्र इतना बड़ा इलाका है। राज्य सरकार ने 11 नए सेटेलाइट टाउशिप बनाने की घोषणा की है, अच्छी बात है। मगर शाहाबाद इससे अछूता है। कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने सीएम से आग्रह किया है कि शाहाबाद में भी एक सेटेलाइट सिटी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री से इस पर सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार द्वारा शाहाबाद में भी एक सेटेलाइट शहर विकसित किया जाएगा।

नए शहर विकसित कर रही सरकार
बिहार सरकार राज्य के 11 प्रमुख शहरों के पास नई सेटेलाइट टाउनशिप बनाने जा रही है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनों को चिह्नित किया गया है। सरकार ने उन क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक भी लगा दी है। नगर विकास विभाग इसका विस्तृत प्लान तैयार करने में जुटा है। नए सेटेलाइट शहरों को आधुनिक नगरीय सुविधाओं के तहत विकसित किया जाएगा। हर टाउनशिप में औद्योगिक केंद्र बनाया जाएगा। सरकार प्राधिकरण अथवा एजेंसी के जरिए इन क्षेत्रों का विकास कराएगी। इन क्षेत्र के जमीन मालिकों को भी योजना में हिस्सेदारी दी जाएगी।

इन शहरों के पास बनेगी सेटेलाइट टाउनशिप
जिन शहरों के पास सेटेलाइट टाउनशिप विकसित किए जाएंगे, उनमें पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, पूर्णिया, मुंगेर, गयाजी, छपरा, सीतामढ़ी, दरभंगा और सोनपुर शामिल हैं।
शाहाबाद के बारे में
दक्षिण बिहार के शाहाबाद क्षेत्र में रोहतास, कैमूर, बक्सर और भोजपुर जिले के इलाके आते हैं। शाहाबाद क्षेत्र को बिहार की राजनीतिक दृष्टिकोण से अहम माना जाता है। यहां ब्राह्मण, राजपूत, कुर्मी, कुशवाहा जैसी जातियां राजनीतिक रूप से प्रभावशाली मानी जाती हैं। एक समय राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और वाम दलों के महागठबंधन का यह गढ़ रहा। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए का प्रदर्शन यहां खराब रहा था। हालांकि, 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी गठबंधन ने शाहाबाद में अधिकतर सीटें जीतकर अपना झंडा लहराया।




