समस्तीपुर मंडल में 6 अमृत भारत स्टेशन बनकर तैयार, जल्द होगा उद्घाटन; यात्रियों को मिलेगी आधुनिक सुविधाएं

समस्तीपुर : समस्तीपुर जंक्शन को आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने की दिशा में चल रहा विकास कार्य अब रफ्तार पकड़ रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन के कायाकल्प के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य एक साथ जारी हैं, जिससे आने वाले वर्षों में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। स्टेशन परिसर में प्लेटफार्म और रेलवे ट्रैक के किनारे नए पानी के कनेक्शन लगाए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों को स्वच्छ पेयजल की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो सके।
वहीं, कारखाना साइड पर बन रहे पांच मंजिला भवन का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें अब तक दो मंजिलों का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, समस्तीपुर जंक्शन के संपूर्ण पुनर्विकास का लक्ष्य वर्ष 2028 तक निर्धारित किया गया है।
उद्घाटन के इंतजार में छह अमृत भारत स्टेशन
समस्तीपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले कई स्टेशन अमृत भारत योजना के तहत पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, लेकिन अब भी उनके उद्घाटन की तिथि घोषित नहीं की गई है। समस्तीपुर–रूसेराघाट रेलखंड का सलोना स्टेशन उद्घाटन के इंतजार में है। इसके अलावा सहरसा जंक्शन, सिमरी बख्तियारपुर, बनमनखी, मधेपुरा और सुपौल स्टेशन भी तैयार होकर लोकार्पण की बाट जोह रहे हैं। रेलवे के जनसंपर्क पदाधिकारी आर.के. सिंह ने बताया कि उद्घाटन की तिथि तय करने की प्रक्रिया जारी है। इससे पहले इन सभी स्टेशनों की पूरी वीडियो रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है।


यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाएं
अमृत भारत योजना के तहत विकसित किए जा रहे इन स्टेशनों पर यात्रियों को कई अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इनमें रूफ प्लाजा, शॉपिंग जोन, फूड कोर्ट, बच्चों के लिए प्ले एरिया, मल्टी-लेवल पार्किंग, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके साथ ही एग्जीक्यूटिव लाउंज, आधुनिक वेटिंग एरिया और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। सभी प्लेटफार्म का नवीनीकरण किया गया है, जहां रैंप और एस्केलेटर की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि यात्रियों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हो रहे इस विकास से न केवल यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिलेगा, बल्कि कोसी और सीमांचल क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।






