सुधा बूथ पर बकरी दूध की बिक्री, पालन के लिए मिलेगी 90% सब्सिडी; नीतीश सरकार का प्लान

पूरे बिहार में अब सुधा बूथों के माध्यम से बकरी दूध की बिक्री होगी। बकरे के मांस की बिक्री नगर निगम और नगर निकायों के माध्यम से करायी जाएगी। इसके बाद भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा, पूर्णिया आदि शहरों में बिक्री करायी जाएगी। इसके लिए डेयरी, मत्स्य एवं पशु संधाधन विभाग प्रस्ताव बना रहा है। जल्द ही इसे कैबिनेट को भेजा जाएगा। जानकारी विभाग के सचिव शीर्षत कपित अशोक ने दी। सोमवार को वह स्थानीय होटल में जलवायु अनुकूल बकरीपालन एवं प्रबंधन पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
इससे पहले डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्रालय सुरेंद्र मेहता और सचिव ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। सचिव ने कहा कि जल्द ही राज्य की सभी पंचायतों में सुधा बूथ स्थापित हो जाएंगे। राज्य में गोट फेडरेशन का गठन होगा। प्रत्येक जिले में गोट स्पेशलिस्ट होंगे, जिन्हें मथुरा स्थित संस्थान में विशेष प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। बकरीपालन के लिए बिहार पशु विज्ञान विवि तथा केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मथुरा थिंक टैंक के रूप में कार्य करेंगे और वैज्ञानिक मार्गदर्शन देंगे।


बकरीपालन के लिए गरीब परिवारों को 90% तक अनुदान : मंत्री
मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि गरीबों की आर्थिक स्थिति सुधारने में बकरीपालन महत्वपूर्ण है। बकरीपालन के लिए बीपीएल परिवारों को 80 से 90 फीसदी तक अनुदान पर तीन प्रजनन योग्य बकरियों का वितरण किया जा रहा है। अब तक 34 हजार 218 परिवारों को एक लाख 2 हजार 654 बकरियां वितरित की गई हैं।मंत्री ने बताया कि देश में लगभग 12 करोड़ बकरियां हैं, जो विश्व की कुल बकरी का 20 फीसदी है। बिहार में इनकी संख्या 1.28 करोड़। यह देश में चौथे स्थान पर है। हाल में ही गया में गोट सिमेन बैंक की स्थापना की योजना को स्वीकृति दी गई है। इससे बकरियों के नस्ल सुधार और मेमनों की मृत्यु दर में कमी आएगी।

कृषि यंत्रों का मेला 12 से 15 तक
पटना के गांधी मैदान में 12 से 15 मार्च तक राज्यस्तरीय कृषि यांत्रिकीकरण मेला लगेगा। एग्रो बिहार 2026 के आयोजन में देशभर के कृषि यंत्र निर्माता जुटेंगे। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने बताया कि यह चार दिवसीय मेला किसानों के लिए आधुनिक कृषि तकनीक और यंत्रों से रूबरू होने का एक महत्वपूर्ण मंच होगा। बिहार के अलावा पंजाब, हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के कृषि यंत्र निर्माता भी इसमें भाग लेंगे। कृषि मंत्री ने कहा कि लगभग 3.25 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में आयोजित होने वाले इस मेले में 100 से अधिक स्टॉल लगेंगे।






