नीतीश के बाद ‘निशांत युग’ की शुरुआत? JDU में शामिल होते ही लगे CM बनाने के नारे, बोले-पापा पर विश्वास कायम रखिएगा

जनता दल यूनाइटेड (JDU) के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक रहा। यूं कहें कि जिस जदयू को पिता नीतीश कुमार ने अपने अनुभव से सींचा उसमें उनके सुपुत्र निशांत कुमार युग की शुरुआत हो गई। निशांत दोपहर एक बजे आधिकारिक रूप से जदयू में शामिल हो गए। जदयू दफ्तर में उनका स्वागत शाही अंदाज में हुआ। बैंड-बाजे की धुन पर जोशीले अंदाज में थिरकते सैकड़ों कार्यकर्ता और नेता, घोड़सवारों की धमक, शंख ध्वनि और जय-जयकारे की गूंज एवं शोर-शराबा-यह सब जदयू मुख्यालय में दर्शनीय था।
नेता हों या कार्यकर्ता, सब इतने जोश में दिखे कि निशांत कुमार की जदयू की सदस्यता ग्रहण करने से पहले से उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री बनाने के समर्थन में नारे लगाते रहे। कार्यकर्ताओं व नेताओं के बीच मिठाईयां भी बंटीं। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने निशांत कुमार को पार्टी की सदस्यता दिलायी।
पैर छूकर लिया आशीर्वाद
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने पार्टी का पटका पहनाकर उनका स्वागत किया। निशांत ने उनका पैर छूकर आशीर्वाद लिया। मंच पर मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विजय कुमार चौधरी, मदन सहनी, मो. जमा खान, सुनील कुमार, श्रवण कुमार, लेशी सिंह और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं, विधायकों एवं विधान पार्षदों की मौजदूगी में निशांत कुमार को भरपूर समर्थन मिला।


इससे पहले प्रदेश जदयू अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने जदयू में निशांत कुमार के शामिल होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार पार्टी के भविष्य हैं, आज का दिन ऐतिहासिक है।पार्टी की सदस्यता लेने के बाद निशांत ने पिता नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने वाले फैसले पर पहली बार अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पापा के राज्यसभा जाने के फैसले को व्यक्तिगत निर्णय है, जिसे स्वीकार करता हूं। साथ ही कहा कि वे पिताजी के मार्गदर्शन में जो भी पार्टी कहेगी वे करेंगे।
पापा पर आपलोग विश्वास कायम रखिएगा
निशांत कुमार ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कार्यकर्ताओं को भरोसा देते हुए कहा कि मैं पार्टी को और मजबूती प्रदान करने की कोशिश करूंगा। मैं लोगों के ह्रदय में जगह बनाने का प्रयास करूंगा। इससे पहले उन्होंने सबसे अनुरोध करते हुए कहा कि मेरे पापा पर आपलोग अपना विश्वास कायम रखिएगा। पार्टी दफ्तर आए लोगों का मैं धन्यवाद करता हूं। आप लोगों ने अपना कीमती समय निकाला और यहां इस मौके पर मिल हुए, उसके लिए सभी का आभार, आदर और धन्यवाद।

पार्टी को और मजबूती प्रदान करने के लिए काम
निशांत ने पत्रकारों से कहा कि मैं पार्टी के लिए एक सक्रिय सदस्य के रूप में काम करने की पूरी कोशिश करूंगा। पार्टी को और मजबूत बनाने हेतु सबके साथ मिलकर काम करुंगा। उन्होंने उत्साहित जदयू नेताओं, कार्यकर्ताओं के सामने मुख्यमंत्री और पिता नीतीश कुमार के राज्यसभा वाले फैसले पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मेरे पिता का राज्यसभा जाने का फैसला उनका व्यक्तिगत निर्णय था। मैं उनके इस निर्णय को स्वीकार करता हूं और उसका सम्मान करता हूं।हम अपने पिता नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में काम करेंगे। मैं आपकी उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करुंगा।

नीतीश कुमार से मिले, लिया आशीर्वाद
जदयू की सदस्यता लेने से पहले निशांत कुमार पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर में जाकर पूजा की। इसके बाद वे जदयू दफ्तर पहुंचे, जहां तमाम वरिष्ठ नेताओं ने उनका फूल-माला से स्वागत किया। जदयू में शामिल होने के बाद निशांत कुमार ने लोकनायक जय प्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। पिता नीतीश कुमार से मुलाकात की और उनसे आशीर्वाद लिया। इस मौके पर पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा मौजूद थे।
जदयू का पहला एक्स पोस्ट-युवा सोच, नई ऊर्जा व जनसेवा के संकल्प के साथ निशांत
निशांत कुमार के जदयू में शामिल होने के बाद पार्टी की तरफ से पहला एक्स पोस्ट आया। इसमें जदयू ने कहा कि युवा सोच, नई ऊर्जा और जनसेवा के संकल्प के साथ राजनीति के कर्तव्य पथ पर अग्रसर होने वाले निशांत कुमार का हार्दिक अभिनंदन। आपकी जनहित के प्रति प्रतिबद्धता समाज एवं प्रदेश की सेवा को नई दिशा और प्रेरणा प्रदान करेगी।

नीतीश कुमार इस कार्यक्रम में नहीं आए
पुत्र निशांत कुमार के जदयू में शामिल होने के दौरान जो कार्यक्रम हुआ, उसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नहीं आए। इस बात पर पार्टी मुख्यालय में कुछ नेताओं के बीच काफी चर्चा रही।




