बिहार: वर्दी का रौब दिखा वसूली करने वाली फर्जी महिला दारोगा गिरफ्तार, दबंगई से देती थी झांसा

बिहार के बेगूसराय में फर्जी महिला दरोगा (पुलिस अवर निरीक्षक) बनकर लोगों पर रौब झाड़ने वाली लेडी डॉन को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 27 वर्षीया युवती नीशू कुमारी के नाम से खुद को बिहार पुलिस का दारोगा बताती थी। आरोपी को मुफस्सिल थाने की पुलिस ने पकड़ा। उसकी गिरफ्तारी बड़ी एघु निवासी कैलाश साह के किराये पर लगे मकान से हुई है। धोखाधड़ी,फर्जीवाड़ा और अवैध वसूली की धाराओं में उसके खिलाफ कांड दर्ज कर बेगूसराय पुलिस कार्रवाई कर रही है।
पुलिस के अनुसार पुलिस के हत्थे चढ़ी फर्जी दारोगा निशु कुमारी के नाम से पुलिस अधिकारी बनी थी लेकिन असली नाम कजोमा कुमारी है। वह मटिहानी थाना क्षेत्र के खोरमपुर गांव निवासी विपिन सिंह की पुत्री है। आरोपित महिला खुद को बेगूसराय कोर्ट में तैनात दरोगा बताकर लोगों से पहचान बनाती थी और कई जगहों पर जांच के नाम पर रुपये ऐंठती थी। संदेह होने पर कुछ लोग बड़ी एघु स्थित कैलाश साह के मकान पहुंचे गये। उसके बाद कजोमा कुमारी को फर्जी दरोगा बताते हुए रुपये ऐंठने का आरोप लगाने लगे।

आरोपी के मकान मालिक कैलास साह के अनुसार कजोमा देवी अपने को कोर्ट का दारोगा और पति आर्मी में बताकर किराये पर मकान लेकर रह रही थी। वह ठीक से किराया भी नहीं देती थी। लोगों के जुटने के बाद इसकी सूचना डायल-112 पुलिस को दी गयी। मुफस्सिल थानाध्यक्ष अजय शंकर ने पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर पूछताछ की। आरोपित युवती पूछताछ में थानाध्यक्ष को संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी।

तलाशी के दौरान उसके डेरा से पुलिस की वर्दी, नेम प्लेट, फर्जी आईडी कार्ड, मोबाइल आदि बरामद हुए हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपित युवती ने स्वीकार किया कि लोगों पर प्रभाव जमाने और निजी लाभ लेने के उद्देश्य से वह दारोगा बनकर घूम रही थी। सदर एसडीपीओ आनंद कुमार पाण्डेय ने बताया कि आरोपित युवती निशु कुमारी के नाम पर पुलिस अधिकारी बनी थी। लेकिन, पूछताछ में फर्जीवाड़े के सारे भेद खुद बताती गयी।

आरोपी ने पुलिस को बताया कि मटिहानी थाना के खोरमपुर गांव निवासी विपिन सिंह की 27 वर्षीया पुत्री कजोमा कुमारी है। एसडीपीओ ने बताया कि युवती के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा की धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत के माध्यम से जेल भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया है कि पांच से सात लोगों से अब तक वह एक लाख रुपये से अधिक की ठगी कर चुकी है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस महिला दारोगा का दबदबा इलाके में कायम है। विभाग में पैरवी के लिए लोगों को झांसे में ले लेती थी और फिर रुपए ऐंठ लेती ती। किसी को भी पता नहीं था कि वह फर्जी दारोगा है। लोग उससे भय खाते थे। पैसा नहीं देने वालों को वह भद्दी-भद्दी गालियां देती थी और सलाखों के पीछे पहुंचाने की धमकी दिया करती थी। उसकी इस दबंगई से लोग परेशान हो गये थे। इसकी हरकतों से परेशान लोगों ने इस बात की शिकायत मुफ्फसिल थाने की पुलिस को दी और कार्रवाई की मांग की।


