‘IGIMS में नहीं सुनी जाती विधायकों की पैरवी …’, विधानसभा में उठा सवाल, JDU और RJD विधायक ने पूछा सवाल

इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) को लेकर बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सवाल-जवाब के बीच तीखी बहस देखने को मिली। प्रश्नकाल के दौरान जदयू विधायक आदित्य कुमार ने संस्थान में मरीजों को बेड नहीं मिलने की समस्या उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि कई बार उनके क्षेत्र से गंभीर मरीजों को आईजीआईएमएस रेफर किया जाता है, लेकिन वहां पहुंचने पर बेड उपलब्ध नहीं होने की बात कह दी जाती है। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि जब मरीज या परिजन उन्हें फोन करते हैं और वे खुद संस्थान के निदेशक से संपर्क करते हैं, तब भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। यहां तक कि लेटरहेड पर लिखित अनुशंसा के बावजूद मरीजों को सुविधा नहीं मिल पाती।
विधायक ने सदन में सवाल उठाया कि आखिर इतनी बड़ी संस्था में यह बदहाली क्यों है और क्या सरकार इस दिशा में ठोस कार्रवाई करेगी? उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों की बात भी नहीं सुनी जा रही है तो आम लोगों की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके साथ ही सकरा विधायक ने IGIMS में विधायक कोटा की मांग की। उन्होंने कहा कि उनके फोन जाने के बाद भी मरीजों को बेड नहीं मिलता है।

इस पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने जवाब देते हुए कहा कि आईजीआईएमएस बिहार का गौरवशाली संस्थान है और पिछले कुछ वर्षों में इसका व्यापक विस्तार हुआ है। उन्होंने बताया कि पहले यह अस्पताल लगभग 600 बेड का था, जिसे बढ़ाकर अब 2000 बेड का कर दिया गया है। साथ ही जल्द ही 1450 अतिरिक्त बेड और जोड़े जाने की योजना है। मंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि परिसर में 500 बेड और 1200 बेड के दो नए अस्पताल भवन निर्माणाधीन हैं, जिससे आने वाले समय में मरीजों को और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। हालांकि मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी समय सभी बेड भरे हों, तो तत्काल व्यवस्था करना संभव नहीं होता। उन्होंने कहा कि जहां भी बेड खाली रहेगा, वहां मरीजों को जरूर भर्ती किया जाएगा।

मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि जनप्रतिनिधियों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। इसके बाद राजद के विधायक चन्द्रसेखर ने भी सवाल पूछा तो मंत्री ने कहा कि -आप आज तक जब भी फ़ोन किए हैं तो आपकी बात टाली गई है क्या चाहे वह सुबह का 8 बजे का समय हो या रात का 1 बज रहा हो हर समय आपका काम होता है। आप जो हमको फ़ोन पर बोलते है वह बता दें तो मालूम नहीं राजद वाला क्या करेगा।



