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समस्तीपुर रेलमंडल में कम बिक्री वाले 10 रेलवे रिजर्वेशन काउंटर होंगे बंद, रेलवे ने लिया फैसला

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पूर्व मध्य रेल के जिस रेलवे स्टेशन या संविदा कर्मी के द्वारा रिजर्वेशन टिकट नहीं कट रहे, वैसे सारे काउंटर को बंद कर दिया जाएगा। रेलवेबोर्ड के फैसले के बाद पूर्व मध्य रेल सहित सभी जोन क्षेत्र को वैसे रिजर्वेशन टिकट काउंटर को बंद या उसको दूसरी जगह मर्ज करने को कहा है। उसके बाद पूर्व मध्य रेल के सभी रेलमंडलों में ऐसे रिजर्वेशन और बुकिंग काउंटरों की तलाश शुरू हो गई है। समस्तीपुर रेलमंडल में करीब दस जगह ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जहां का रिजर्वेशन सिस्टम बंद करने लायक है।

इसकी जांच रिपोर्ट डीआरएम समस्तीपुर को सौंप दी गई है। मंडल में सभी जगहों पर जांच के दौरान बिरौल, घोघरडीहा, निर्मली, ढेंग, सिकटा, बाजपट्टी, बिहारीगंज, राघोपुर स्टेशन पर वर्तमान में स्टेशन टिकट बुकिंग एजेंट द्वारा अनारक्षित टिकट जारी करने का कार्य किया जा रहा है।

यदि इस स्टेशन पर पीआरएस को यात्री आरक्षण प्रणाली सह अनारक्षित टिकट प्रणाली टर्मिनल में बदला जाता है तो स्टेशन टिकट बुकिंग एजेंट की सेवा बंद कर रेल कर्मचारी की स्थापना किया जाएगा। उस लोकेशन पर आईआरसीटीसी के वेबसाइट से मोबाइल पर टिकट बनाने की प्रक्रिया का प्रचार करते हुए बिरौल, घोघरडीहा, निर्मली, ढंग, सिकटा, बाजपट्टी, बिहारीगंज, राघोपुर स्टेशन तथा डुमरा कोर्ट के यात्री आरक्षण प्रणाली का लोकेशन बंद किया जाएगा।

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बता दें कि रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन काउंटरों पर औसतन 25 से भी कम टिकट बुक होते हैं, उन्हें अब अलग से चलाने के बजाय पीआरएस-कम-यूटीएस टर्मिनल में बदल दिया जाए। इससे यात्रियों को रिजर्वेशन और जनरल टिकट के लिए अलग-अलग खिड़कियों पर न भटकना पड़ेगा, बल्कि एक ही खिड़की से दोनों तरह के टिकट मिल सकेंगे। रेलवे का मानना है कि यह कदम टिकट बुकिंग के क्षेत्र में बढ़ते डिजिटलाइजेशन का परिणाम है। वर्तमान में लगभग 87 प्रतिशत रिजर्वेशन टिकट ऑनलाइन माध्यमों से बुक किए जा रहे हैं, जिसके कारण कई काउंटरों की उपयोगिता कम हो गई है।

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बता दें कि रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन काउंटरों पर औसतन 25 से भी कम टिकट बुक होते हैं, उन्हें अब अलग से चलाने के बजाय पीआरएस-कम-यूटीएस टर्मिनल में बदल दिया जाए। इससे यात्रियों को रिजर्वेशन और जनरल टिकट के लिए अलग-अलग खिड़कियों पर न भटकना पड़ेगा, बल्कि एक ही खिड़की से दोनों तरह के टिकट मिल सकेंगे। रेलवे का मानना है कि यह कदम टिकट बुकिंग के क्षेत्र में बढ़ते डिजिटलाइजेशन का परिणाम है। वर्तमान में लगभग 87 प्रतिशत रिजर्वेशन टिकट ऑनलाइन माध्यमों से बुक किए जा रहे हैं, जिसके कारण कई काउंटरों की उपयोगिता कम हो गई है।

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