विकसित भारत 2047 का लक्ष्य कैसे पूरा हो; राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने युवाओं को दिया मंत्र

बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि 2047 के भारत के सपनों को साकार करने में मेडिकल छात्र-छात्राओं की अहम भूमिका होगी। स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध के जरिए बीमारियों से लड़ने के तरीके और मृत्युदर को कम करके एक बेहतर राष्ट्र का निर्माण किया जायेगा। स्वस्थ समाज से ही स्वस्थ और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होगा।
शिक्षा का उद्देश्य पैसा कमाना नहीं, बल्कि अपने अंदर संवेदनशीलता और करुणा को बढ़ाना है। शनिवार को अल-करीम विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल ने छात्रों को बेहतर भविष्य की शुभकमानाएं देते हुए कहा कि इस दुनिया में माता-पिता और गुरु ही एकमात्र ऐसे इंसान हैं, जो अपने बच्चों और छात्रों को अपने से बड़ा देखना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि मां, पिता और गुरु का कर्ज कोई इंसान नहीं चुका सकता। उन्होंने विश्व विजेता कहे जाने वाले सिकंदर का उदाहरण देते हुए कहा कि उसने कहा था कि मेरे मां-पिता मुझे दुनिया में लाए, मगर उस्ताद ने आसमान की बुलंदियों पर पहुंचाया है। एकलव्य ने शिक्षक के प्रति ऐसा विश्वास जताया कि बिना गुरु शिक्षा के ही अर्जुन से तेज धनुर्धर बन गया। स्वामी विवेकानंद के विचारों की चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ज्ञान का उद्देश्य सामाज में व्याप्त विभिन्नताओं को स्वीकार कर उन्हें सम्मान देना हैं।

समारोह में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि 20 वर्ष पूर्व 9 मेडिकल कॉलेज में छह सरकारी और केएमसीएच सहित तीन निजी मेडिकल कॉलेज थे, मगर अब 26 मेडिकल कॉलेज हैं। जल्द ही कुल 33 मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे। हर जिले में सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जायेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में प्रति डॉक्टर जन संख्या का लोड कम करने और लोगों को बेहतर हेल्थ सुविधा सुलभ कराने के लिए सरकार संकल्पित है। इसके तहत मेडिकल कॉलेज खोलने में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।





