समस्तीपुर में फर्जी फिजिकल ट्रेनिंग के नाम पर चल रहे धंधे का पर्दाफाश, DTO और MVI ने छापेमारी कर बरामद की दर्जनों गाड़ियां

समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के मोरवा हलई थाना क्षेत्र अंतर्गत बनवीरा पंचायत में लंबे समय से फिजिकल ट्रेनिंग के नाम पर चल रहे कथित फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। पीड़ित युवकों की शिकायत पर जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) और मोटरयान निरीक्षक (एमवीआई) ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर व्यापक जांच-पड़ताल की। इस दौरान बड़ी संख्या में वाहनों की भी जांच की गई। युवकों ने आरोप लगाया कि ट्रेनिंग के नाम पर उनका लगातार शोषण किया जा रहा था।
इस संबंध में पहले भी कई बार हलई थाना में शिकायत की गई थी, लेकिन पुलिस द्वारा समय रहते कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण यह धंधा फलता-फूलता रहा। पीड़ितों का कहना है कि इस ट्रेनिंग कैंप के कारण सैकड़ों युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है। पीड़ितों ने बताया कि बनवीरा पंचायत में स्काई वर्ल्ड फिजिकल ट्रेनिंग सेंटर का संचालन राजा यादव और उनके पिता महेश प्रसाद यादव द्वारा किया जा रहा है।

बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले लगभग 200 अभ्यर्थियों को यहां नौकरी दिलाने के प्रलोभन में ट्रेनिंग के लिए बुलाया गया था। प्रत्येक युवक से रहने, खाने और ट्रेनिंग के नाम पर 12 से 18 हजार रुपये तक की राशि वसूली गई, लेकिन बदले में बुनियादी सुविधाएं तक मुहैया नहीं कराई गईं। युवकों का आरोप है कि अधिक संख्या होने के कारण न तो उन्हें समुचित भोजन दिया जाता था और न ही शौचालय की व्यवस्था थी, जिसके चलते उन्हें खेतों में जाने को मजबूर होना पड़ता था। विरोध या शिकायत करने पर युवकों को अलग-अलग कमरों में बंद कर मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

बताया गया कि कई अभिभावकों द्वारा पूर्व में भी इस संबंध में थाना में शिकायत दी गई थी, लेकिन मामला दबा दिया गया। इस मामले में हलई थानाध्यक्ष शैलेश कुमार ने बताया कि युवकों से लिखित शिकायत मिली थी, जिसके बाद इसकी सूचना जिला परिवहन पदाधिकारी और मोटरयान निरीक्षक को दी गई। सूचना के आधार पर डीटीओ विवेक चंद्र पटेल, एमवीआई और पुलिस बल के साथ ट्रेनिंग कैंप पर छापेमारी की गई, जहां अनियमितताओं की पुष्टि हुई।
युवकों ने बताया कि कैंप में 200 से अधिक युवक ट्रेनिंग ले रहे थे, लेकिन वादे के अनुसार सुविधा और प्रशिक्षण नहीं दिया जा रहा था। जमा की गई राशि वापस मांगने पर मारपीट की जाती थी। शनिवार तक पैसा लौटाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन राशि वापस नहीं किए जाने पर स्थिति बिगड़ गई, जिसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई।

मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने दर्जनों वाहनों की जांच कर उन्हें जब्त किया। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में युवकों ने ट्रेनिंग कैंप में हंगामा शुरू कर दिया और संस्थान के संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे। वहीं, संस्थान संचालक राजा यादव ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनका ट्रेनिंग सेंटर वर्षों से संचालित है और यहां से सैकड़ों युवक प्रशिक्षण लेकर नौकरी प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा जानबूझकर हंगामा किया गया है। साथ ही यह भी दावा किया कि युवकों द्वारा जमा की गई फीस लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।




