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समस्तीपुर जिले के तीन थानों में अब तक शुरू नहीं हुई डायल-112 सेवा

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समस्तीपुर : जिले में ईआरवी डायल 112 की त्वरित पुलिस सेवा को शुरू हुए करीब दो साल से भी अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब भी जिले के तीन थानों शिवाजीनगर, वैनी और लरझाघाट के क्षेत्रों में यह सेवा उपलब्ध नहीं हो सकी है। इन थाना क्षेत्रों में ईआरवी की तैनाती नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को आपात स्थिति में डायल 112 का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इन तीनों थाना क्षेत्रों में किसी भी तरह की आपात घटना पर डायल 112 के बजाय स्थानीय थाना पुलिस को ही सीधे सूचना दी जाती है, जिसके बाद पुलिस संसाधनों की उपलब्धता के अनुसार मौके पर पहुंचती है। इससे त्वरित कार्रवाई में देरी होने की आशंका बनी रहती है।

बताया जाता है कि शिवाजीनगर और वैनी पहले ओपी के रूप में कार्यरत थे। करीब दो वर्ष पूर्व दोनों को पूर्ण थाना का दर्जा दिया गया। इसी तरह लरझाघाट थाना का भी नवसृजन किया गया, लेकिन थाना बनने के बावजूद यहां अब तक डायल 112 की सुविधा बहाल नहीं की जा सकी है। डायल 112 कंट्रोल से मिली जानकारी के अनुसार जिले में वर्तमान में कुल 40 ईआरवी वाहन उपलब्ध हैं। इसके बावजूद यह तीनों थानें डायल 112 की सेवा से वंचित हैं।

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बता दें कि इन इलाकों में बड़ी आबादी निवास करती है, जहां आपात स्थिति, सड़क दुर्घटना, महिला सुरक्षा, चोरी-लूट जैसी घटनाओं में त्वरित पुलिस सहायता बेहद आवश्यक मानी जाती है। स्थानीय रामाधार राय का कहना है कि डायल 112 सेवा से जुड़ने पर पुलिस की प्रतिक्रिया समय में सुधार होगा और अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। वहीं, सेवा के अभाव में कई बार पीड़ितों को थाना पहुंचने या स्थानीय स्तर पर सहायता का इंतजार करना पड़ता है। तीनों क्षेत्रों के लोगों की मांग है की इन तीनों थानों में जल्द से जल्द ईआरवी वाहन की तैनाती कर डायल 112 सेवा शुरू की जाए, ताकि जिले के सभी क्षेत्रों को समान रूप से त्वरित पुलिस सहायता मिल सके।

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क्या है डायल-112 और कैसे करता है काम :

डायल-112 एक राष्ट्रीय इमरजेंसी रिस्पॉन्स नंबर है। किसी भी तरह की आपात स्थिति, अपराध, दुर्घटना या खतरे की आशंका होने पर इस नंबर पर कॉल किया जा सकता है। कॉल मिलते ही पुलिस की टीम को अलर्ट किया जाता है और करीब 15 मिनट के भीतर मदद पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। महिला, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी सूचना के लिए 112 पर फ्री कॉल की सुविधा है। फिलहाल जिले भर में 40 डायल-112 वाहन कार्यशील है। कंट्रोल से मिली जानकारी के अनुसार इस समय जिले में औसत रिस्पांस टाइम 5.43 मिनट है। यानी की शिकायत के 6 मिनट के भीतर ईआरवी टीम की मौजूदगी रहती है।

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बयान :

डायल-112 सेंट्रलाइजड होता है। यह बात सही है की तीनों थानों में ईआरवी वाहन नहीं है, लेकिन शिकायत मिलने पर आसपास के थानों से डायल-112 की टीम पहुंचती है। ईआरवी वाहन दूरी के हिसाब से थानों को दी गयी थी। यह थाना स्तर पर कार्यशील नहीं है।

अरविंद प्रताप सिंह, एसपी, समस्तीपुर

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