समस्तीपुर: पति के गुजरने के 6 घंटे बाद ही पत्नी ने भी वियोग में तोड़ा दम, एक साथ जिये और एक साथ मरते हुए दुनिया को कहा अलविदा

समस्तीपुर/रोसड़ा : एक साथ जीने और मरने की कसमें सिर्फ फिल्मों में नहीं, हकीकत में भी निभाई जाती हैं। इसका जीता-जागता उदाहरण समस्तीपुर जिले के रोसड़ा से सामने आया है। रोसड़ा शहर के वार्ड संख्या-20 में रहने वाले एक बुजुर्ग दंपती की कहानी ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। शनिवार को विष्णुदेव सहनी (85 वर्ष) की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए लेकर गए, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। दोपहर करीब 3 बजे उन्होंने अंतिम सांस ले ली।
इकलौते पुत्र धर्म सहनी ने सामाजिक लोगों के सहयोग से गंडक नदी के तट पर उनका अंतिम संस्कार किया। लेकिन जैसे ही पति की अर्थी घर से निकली, पत्नी लालपरी देवी (80 वर्ष) को ऐसा सदमा लगा कि वह संभल नहीं सकीं। पति के बिछड़ने का दर्द वह सह नहीं पाईं। हालत बिगड़ने पर बेटे ने उनका इलाज भी कराया, लेकिन शनिवार की रात करीब 9 बजे उन्होंने भी दुनिया को अलविदा कह दिया।

रविवार को पत्नी का अंतिम संस्कार किया गया। मात्र छह घंटे के भीतर एक ही परिवार के दोनों बुजुर्ग सदस्यों का यूं चले जाना पूरे मोहल्ले को रुला गया। परिजनों और मोहल्लावासियों के अनुसार, विष्णुदेव सहनी और लालपरी देवी का जीवन आपसी प्रेम, विश्वास और समर्पण की मिसाल था। दोनों हमेशा साथ रहते थे, हर काम मिलकर करते थे और जीवनभर किसी से विवाद नहीं किया। स्वजन दशरथ सहनी, गोपाल सहनी और टुनटुन सहनी ने बताया कि यह बुजुर्ग जोड़ी पूरे इलाके के लिए एक आदर्श थी। आज उनकी कहानी हर आंख नम कर रही है और लोग कह रहे हैं की ऐसा प्यार किस्मत वालों को ही नसीब होता है। फिलहाल इस मार्मिक घटना की चर्चा पूरे इलाके में बनी हुई है और हर कोई इस दंपती को नम आंखों से याद कर रहा है।






