नामांकन के अंतिम दिन दानापुर सीट से जन सुराज के प्रत्याशी अचानक लापता, नामांकन से पहले गए थे मंदिर में पूजा- अर्चना करने

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले फेज के नामांकन का आज आखिरी दिन था। दानापुर में नामांकन से पहले जनसुराज के कैंडिडेट अखिलेश कुमार अचानक गायब हो गए। पार्टी नेताओं का कहना है कि उनका अपहरण किया गया है।
अखिलेश सुबह घर से नामांकन के लिए निकले थे। उन्होंने मंदिर में पूजा भी की थी। पूजा करने के बाद से वो अचानक गायब हो गए। सैकड़ों समर्थक दानापुर के तकियापर स्थित एक कम्युनिटी हॉल में उनका इंतजार करते रहे, लेकिन वे नहीं पहुंचे।


जिस फूलों से सजी गाड़ी से वे नॉमिनेशन के लिए जाने वाले थे, उसी गाड़ी से समर्थकों ने उनकी खोजबीन की, लेकिन वे नहीं मिले। उनका मोबाइल भी बंद है। कुछ देर बाद पार्टी को बताया गया कि उनका अपहरण कर लिया गया है।
आनन-फानन में जनसुराज ने नए कैंडिडेट को खड़ा किया। BJP से आई आशा सिन्हा ने उनकी जगह दानापुर से पर्चा भरने पहुंची, लेकिन डॉक्यूमेंट्स में त्रुटि के चलते उनका भी नॉमिनेशन कैंसिल हो गया।

समर्थकों के मुताबिक, अखिलेश सुबह 10:30 बजे अपने कुछ सहयोगियों के साथ राजवंशी नगर महावीर मंदिर में पूजा करने निकले थे। जब वे काफी देर तक नहीं आए, तो समर्थकों भी चिंता बढ़ गई।

इसी बीच, जनसुराज की टीम ने वॉट्सऐप पर एक मैसेज फ्लैश किया, जिसमें बताया गया कि दानापुर विधानसभा क्षेत्र से उनके प्रत्याशी अखिलेश कुमार अचानक गायब हो गए हैं। मैसेज में उनके अपहरण की आशंका भी जताई गई।
बताया जा रहा है कि अखिलेश अपने परिवार और खास लोगों के संपर्क में हैं। हालांकि अब तक वे घर नहीं लौटे हैं। फिलहाल उनका मोबाइल बंद है।

भाजपा से प्रस्ताव मिलने की अटकलें
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उन्हें बीजेपी से MLC बनाने का ऑफर दिया गया है। इस वजह से वो मैदान छोड़कर चले गए हैं। दानापुर नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि और वैश्य नेता राजनाथ उर्फ राजू जायसवाल ने कहा, ‘ये अपने निजी लाभ के लिए मैदान छोड़कर चले गए हैं।’

राजू जायसवाल ने कहा, ‘इस तरह के व्यक्ति ने अपने लाभ के लिए पूरे वैश्य समाज को कलंकित कर दिया है। सारे वैश्य समाज ने एकजुट होकर बीजेपी के खिलाफ इन्हें खड़ा किया था, लेकिन ऐसा कर के उसने गलत किया गया है।’

BJP से आई आशा सिन्हा का नॉमिनेशन कैंसिल
जन सुराज ने आशा सिन्हा को दानापुर से नए कैंडिडेट के रूप में खड़ा किया। आशा सिन्हा पहले बीजेपी में थी, लेकिन इस बार बीजेपी ने उनका टिकट काट दिया, जिसके बाद वे जन सुराज में शामिल हो गई थी। अखिलेश की जगह वे पर्चा दाखिल करने पहुंची थी, लेकिन डॉक्यूमेंट्स में कुछ त्रुटि के चलते उनका नॉमिनेशन कैंसिल हो गया।


