अशोक चौधरी की पत्नी पर फ्रॉड केस; प्रशांत किशोर की पार्टी ने अब अवैध जमीन के कथित दस्तावेज दिखाए

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार में मंत्री अशोक चौधरी पर प्रशांत किशोर के आरोपों की बौछार के बाद जन सुराज पार्टी ने उन्हें फिर निशाने पर लिया है। जन सुराज के प्रदेश महासचिव किशोर कुमार मुन्ना ने अशोक चौधरी पर अवैध तरीके से जमीन खरीदने का आरोप लगाते हुए इसके कथित सबूत भी सार्वजनिक किए। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री की पत्नी नीता चौधरी धोखाधड़ी के केस में आरोपी हैं। उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन है। बता दें कि पीके पूर्व में अशोक चौधरी पर 2 साल में 200 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति बनाने और पैसे देकर बेटी शांभवी को लोकसभा का टिकट दिलवाने का आरोप लगा चुके हैं। इसके बाद पीके को मंत्री से दो नोटिस मिले और पटना की अदालत में एक मानहानि केस हो चुका है।
जन सुराज पार्टी के पटना कार्यालय में गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किशोर कुमार मुन्ना ने कहा कि नीता चौधरी ने साल 2021 और 2022 में दिलीप मित्तल और राकेश अग्रवाल नाम के बिल्डरों से 7 करोड़ रुपये में दो संपत्ति खरीदीं। उन्होंने एक में अपनी पहचान में पति अशोक चौधरी का नाम दिया, जबकि दूसरे में पति का नाम छिपाकर अपने पिता का नाम दिया।

पीके की पार्टी ने सवाल किया कि नीता के पास इतनी रकम कहां से आई और एक ही बिल्डर से खरीदी गई दोनों प्रॉपर्टी में उन्होंने अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल क्यों किया? जन सुराज ने मंत्री अशोक चौधरी की पत्नी पर काले धन का इस्तेमाल कर इन जमीनों को खरीदने का आरोप लगाया और सरकारी एजेंसियों से इसकी जांच की मांग की।

जन सुराज पार्टी के नेता ने आगे बताया कि अशोक चौधरी की बेटी शांभवी और दिवंगत किशोर कुणाल के बेटे सायन के बीच रिश्ता तय होने और शादी होने के बीच मानव वैभव विकास ट्रस्ट ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा बाजार मूल्य की जमीन 47 करोड़ में खरीदी गई। ये सभी जमीनें पटना के पॉश इलाकों श्रीकृष्णापुरी, रूपसपुर, मैनपुरा और पाटलिपुत्र में खरीदी गईं।

किशोर कुमार मुन्ना ने यह भी बताया कि अशोक चौधरी ने साल 2019 में अपने पीए रहे योगेंद्र दत्त से भी संपत्ति की खरीद कराई। फिर 2021 में बेटी शांभवी चौधरी के नाम पर जमीन का ट्रांसफर करा लिया। शांभवी जिस वक्त पढ़ाई कर रही थीं, तभी उनके अकाउंट से योगेंद्र दत्त को 10 लाख रुपये दिए गए। बाद में इनकम टैक्स का नोटिस मिलने पर 27 अप्रैल 2025 को अशोक चौधरी ने योगेंद्र दत्त के अकाउंट में जबरन 25 लाख रुपया जमा किए। वजह कि योगेंद्र दत्त ने 4 साल बाद रुपये लेने से इनकार कर दिया था।

अशोक चौधरी को बर्खास्त करें नीतीश, जन सुराज की मांग
जन सुराज पार्टी ने ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उन्हें बर्खास्त करने की मांग की। किशोर कुमार मुन्ना ने कहा कि नीतीश ने भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद 6 मंत्रियों से इस्तीफा लिया और सातवें तेजस्वी यादव से गठबंधन तोड़ दिया था। अब हम मांग करते हैं कि अशोक चौधरी से वे जवाब मांगें या उनके खिलाफ कार्रवाई करें। अगर वे इस्तीफा न दें तो सीधे बर्खास्त करें।



