समस्तीपुर RPF का धरपकड़ अभियान, ट्रेन में अनावश्यक चैन पुलिंग करते दो गिरफ्तार, सादे लिबास में तैनात टीम ने दबोचा

समस्तीपुर : समस्तीपुर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा रेलवे एक्ट के तहत विशेष धरपकड़ अभियान चलाया गया। इस दौरान कई अहम गिरफ्तारियां की गईं। निरीक्षक प्रभारी अविनाश करोशिया के नेतृत्व में उपनिरीक्षक एस.एस. कुमार व टीम ने सादे लिबास में निगरानी के क्रम में कार्रवाई की। टीम ने 14673 शहीद एक्सप्रेस ट्रेन में चैन पुलिंग करते हुए तौकिर नामक युवक को रंगे हाथ पकड़ लिया। उल्लेखनीय है कि अगस्त 2024 में भी तौकिर तथा उसके भाई तौसीफ के विरुद्ध आरपीएफ समस्तीपुर में मामला दर्ज हो चुका है, जिसमें न्यायालय ने दोनों को अर्थदंड की सजा दी थी।
इसी अभियान में रामभद्रपुर–हायाघाट स्टेशन के बीच 13226 इंटरसिटी एक्सप्रेस में भी एक युवक को चैन पुलिंग करते हुए गिरफ्तार किया गया। साथ ही तीन अवैध वेंडरों को भी धर दबोचकर रेलवे कोर्ट में पेश किया गया। आरपीएफ की गुप्त टीम ने मुक्तापुर में भी कुछ छात्रों को चिह्नित किया। जांच में पाया गया कि उन्होंने किशनपुर में तो चैन पुलिंग नहीं की थी, लेकिन रामभद्रपुर में एसीपी की घटना को अंजाम दिया था।

छात्र भी करते हैं चैन पुलिंग :
इस दौरान एक छात्र को चैन पुलिंग करते रंगे हाथ पकड़ लिया गया। आरपीएफ अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान चैन पुलिंग करने वालों के लिए कड़ा संदेश है। इस तरह की हरकत में पकड़े जाने पर न केवल आर्थिक दंड मिलेगा, बल्कि आरोपी के करियर और भविष्य पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ेगा। नौकरी में प्रवेश के समय बेड रिपोर्ट दर्ज होगी तथा थाने से कैरेक्टर सर्टिफिकेट बनवाने में भी कठिनाई आ सकती है।

ट्रेन में चैन पुलिंग नहीं करने की अपील :
Samastipur Town Media यात्रियों से ट्रेन में अनावश्यक चैन पुलिंग न करने की अपील करती है। कई बार बिना किसी आपात स्थिति के यात्री चैन खींच देते हैं, जिससे न सिर्फ़ ट्रेन का संचालन बाधित होता है बल्कि अन्य ट्रेनों की समयबद्धता पर भी असर पड़ता है। रेलवे नियमों के अनुसार, बिना उचित कारण चैन पुलिंग करना दंडनीय अपराध है। पकड़े जाने पर दोषी को जुर्माना अथवा जेल की सजा भी हो सकती है।

जागरूकता अभियान के क्रम में आरपीएफ के पीके चौधरी ने कहा कि चैन पुलिंग केवल आपात स्थिति में ही किया जाना चाहिए, जैसे किसी यात्री की तबीयत बिगड़ने पर, दुर्घटना या किसी अन्य गंभीर परिस्थिति में। अनावश्यक चैन पुलिंग से आम यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है और रेलवे को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। उन्होंने रेल यात्रियों से आग्रह किया है कि वे जिम्मेदार नागरिक बनें और रेल यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें।





