शशिनाथ झा हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने समस्तीपुर SP को किया तलब, पुलिसिया भूमिका पर सवाल !

यहां क्लिक कर हमसे व्हाट्सएप पर जुड़े
समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में हुए चर्चित पूर्व मुखिया शशिनाथ झा हत्याकांड की सुनवाई के दौरान पुलिसिया कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए पुलिस अधीक्षक अशोक मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट ने तलब किया है। अधिवक्ता राजीव कुमार झा, धर्मेंद्र कुमार सिन्हा, अतुल कुमार झा व सुरभि जैन ने बताया कि न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह व न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा ने मुसरीघरारी थाना कांड संख्या 97/21 से संबंधित सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से लेकर समस्तीपुर कोर्ट तक पुलिस अधीक्षक मुद्दई के साथ थे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट में आकर पुलिस अधीक्षक न जाने किस कारण से मुदालय के साथ खड़ें है। पुलिस अधीक्षक ने जो शपथ पत्र दाखिल किया है, उसका पारा नम्बर 13, 14, 15 यही साबित कर रहा है। न्यायमूर्ति द्वय ने इसे गंभीरतापूर्वक लेते हुए पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर को तलब किया है।
आठ को मिली थी उम्र कैद :
चर्चित पूर्व मुखिया शशिनाथ झा हत्याकांड में अदालत ने वर्ष 2024 में अहम फैसला दिया था। समस्तीपुर जिले के सरायरंजन थाना अंतर्गत बखरी बुजुर्ग पंचायत के पूर्व मुखिया व कद्दावर माने जाने वाले शशिनाथ झा हत्याकांड में आठ आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। तत्कालीन अपर व जिला सत्र न्यायाधीश सोनेलाल रजक ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद आरोपियों को आजीवन कारावास के साथ साथ दस- दस हजार रुपये आर्थिक दंड भी लगाया था।

सजा पाने वाले दोषियों में मुख्य आरोपी राजेश पाल के अलावा धीरेन्द्र राय उर्फ बड़का बउआ, हिमांशु राय, अर्जुन दास उर्फ करिया, सुमित कुमार उर्फ फुचिया, चंदन कुमार, निलेन्दु गिरि व सुनील राय शामिल थे। बाद में हाईकोर्ट ने पांच अभियुक्त को बेल पर रिहा कर दिया। इसपर सुप्रीम कोर्ट ने अधिवक्ता ने चैलेंज कर अपना पक्ष भी रखा।
पंचायत में विवाद सुलझाने के दौरान की गई थी हत्या :
बता दें कि बखरी बुजुर्ग गांव में बीते 6 अगस्त 2021 को सशस्त्र अपराधियों ने पूर्व मुखिया 58 वर्षीय शशिनाथ झा को सरेआम गोलियों से भून डाला गया था। जिस वक्त यह घटना हुई, उस वक्त शशिनाथ वार्ड 11 में पंचायत कर एक विवाद को सुलझा रहे थे। वहां एक ग्रामीण के बुलाने पर गए थे। पंचायत समाप्त होने के बाद चार पहिया वाहन पर सवार हुए। इसी बीच पूर्व से घात लगाए दो बाइक पर सवार आधा दर्जन सशस्त्र अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर गोलियों से छलनी कर दिया था। मृतक की पत्नी ने मुसरीघरारी थाना में प्राथमिकी दर्ज करा। इसमें चार नामजद व आधा दर्जन अज्ञात को आरोपित किया गया था।









