मछली पालन व्यवसाय को सुरक्षित व संरक्षित करने पर जोर, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में प्रशिक्षण शुरू

यहां क्लिक कर हमसे व्हाट्सएप पर जुड़े
समस्तीपुर/पूसा : डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के मात्स्यिकी महाविद्यालय सभागार में मत्स्यपालन एवं तालाब प्रबंधन पर छह दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। मुख्य अतिथि कुलसचिव डॉ. मृत्युंजय कुमार ने कहा कि मछलीपालन व्यवसाय को सुरक्षित एवं संरक्षित रखने की जरूरत है। मत्स्यपालन व्यवसाय में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।
अध्यक्षता करते हुए अधिष्ठाता डॉ. पीपी श्रीवास्तव ने कहा वैज्ञानिकी विधि से मछलीपालन करने पर बेहतर आय की प्राप्ति होती है। यह आवासीय प्रशिक्षण पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग बिहार सरकार के द्वारा प्रायोजित गोपालगंज जिला के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षणार्थी मत्स्यपालन के लिए तकनीकी ज्ञान अर्जित कर अपने कौशल को मत्स्यपालन में अपनाकर बेहतर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रशिक्षणार्थी अपने तकनीकी ज्ञान को अन्य मत्स्यपालकों तक भी पहुंचाने का भी संकल्प लें। प्रशिक्षुओं को कृषि के साथ-साथ मत्स्यपालन करने को प्रेरित किया। मौके पर गोपालगंज जिले के चयनित 30 प्रशिक्षणार्थियों सहित शिक्षक डॉ. शिवेन्द्र कुमार, डॉ. राजीव कुमार ब्रह्मचारी, डॉ. सुजीत कुमार नायक, डॉ. मोगलेकर एचएस, डॉ. मुकेश कुमार सिंह, डॉ. अनिरुद्ध कुमार, डॉ. तनुश्री घोड़ई, रोशन कुमार राम, अधिष्ठाता के निजी सहायक डॉ. राजेश कुमार, विनोद कुमार, साजन कुमार भारती आदि मौजूद थे।






