डकैती की योजना बना रहे नक्सली कांड के आरोपी डॉक्टर समेत 5 कुख्यात हथियार समेत गिरफ्तार, समस्तीपुर जेल के पीछे जुटे थे सभी अपराधी

समस्तीपुर : ताजपुर के एक बड़े कारोबारी के यहां डकैती की योजना बना रहे अपराधियों के मंसूबों पर एसटीएफ, डीआईयू व मुफस्सिल थाने की पुलिस ने पानी फेर दिया। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मंडल कारा के पीछे शनिवार की शाम कार्रवाई करते हुए पिस्टल व कारतूस समेत पांच कुख्यात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से दो देसी पिस्तौल, 20 जिंदा कारतूस, चार मोबाइल और 32 हजार रुपये नगद बरामद हुए हैं। हालांकि अंधेरे का फायदा उठाकर चार अन्य बदमाश फरार हो गये। इस संबंध में रविवार को मुफ्फसिल थाने पर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सदर एसडीपीओ-1 सतीश सुमन ने बताया कि गिरोह का अगला निशाना ताजपुर के अलावा वैशाली जिले के पातेपुर इलाके में भी लूट व डकैती करने की थी।
गिरफ्तार बदमाशों में हसनपुर थाना क्षेत्र के भटवन गांव का दीपक कुमार उर्फ डॉक्टर भी शामिल है। उसे गिरोह का मुखिया बताया जा रहा है। उसके खिलाफ नक्सली वारदात से जुड़ा मामला भी दर्ज है। वह कुछ दिनों पूर्व ही जेल से बाहर निकला था। एसडीपीओ-1 ने बताया कि पुलिस और एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी मंडल कारा के पीछे इकट्ठा होकर डकैती की योजना बना रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद बदमाश भागने लगे, लेकिन टीम ने पांच को पकड़ लिया। मौके से फरार हुए चार अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। एसडीपीओ-1 के अनुसार दीपक कुमार उर्फ डॉक्टर करीब सात साल जेल में रहने के बाद हाल ही में बाहर आया था। इसके बाद उसने फिर से आपराधिक गतिविधियां शुरू कर दीं और गिरोह के सदस्यों को जुटाकर डकैती की योजना बनाने लगा।

अपहरण, लेवी और हत्या के मामले में भी रहा है आरोपी :
एसडीपीओ-1 सतीश सुमन ने बताया कि दीपक का नाम वैशाली जिले के पातेपुर थाना क्षेत्र में दर्ज नक्सली वारदात से जुड़े मामले में सामने आया था। वर्ष 2018 में एक व्यक्ति का अपहरण कर लेवी मांगने और रकम नहीं मिलने पर उसकी हत्या करने के मामले में भी वह आरोपी रहा है। पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क और गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच कर रही है। गिरफ्तार बदमाशों में अन्य अभियुक्तों की पहचान दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के बसढ़िया गांव निवासी रामदयालु सिंह के पुत्र चंदन कुमार उर्फ दीपक, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के धर्मपुर वार्ड-2 निवासी मो. ईसाक के पुत्र मो. रहमतुल्ला उर्फ साहेब, वैशाली जिले के महुआ थाना क्षेत्र के हसनपुर ओस्ती गांव निवासी मो. कलीम शाह के पुत्र मो. तालिब तथा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के दूधपुरा वार्ड-4 निवासी चंद्र प्रकाश पाल के पुत्र राहुल कुमार के रूप में की गई हैं। इन लोगों के उपर भी अलग-अलग थानों में पहले से गंभीर अपराधिक मामले दर्ज है।

कई थानों में दर्ज हैं आपराधिक मामले :
गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ समस्तीपुर और वैशाली जिले के विभिन्न थानों में आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस इनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और संभावित संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है। दीपक कुमार के विरुद्ध ताजपुर, मुफस्सिल, जनदाहा और पातेपुर थानों में हत्या, आर्म्स एक्ट और यूएपीए सहित गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। चंदन कुमार के खिलाफ दलसिंहसराय, उजियारपुर, सरायरंजन और विभूतिपुर थानों में लूट और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। वहीं, मो. रहमतुल्ला के विरुद्ध नगर थाना में आर्म्स एक्ट, मो. तालिब के खिलाफ महुआ थाना में एनडीपीएस एक्ट और राहुल कुमार के विरुद्ध मुफस्सिल थाना में पॉक्सो सहित अन्य धाराओं में मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

एसडीपीओ-1 ने बताया कि समय रहते हुए इस कार्रवाई से ताजपुर और पातेपुर क्षेत्र में संभावित डकैती की वारदात को विफल कर दिया गया है। छापेमारी के दौरान भागे चारों बदमाशों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पूरी कार्रवाई में मुफस्सिल थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अजीत प्रसाद सिंह समेत एसटीएफ व डीआईयू के पुलिसकर्मी व पदाधिकारी शामिल रहे।
सदर SDPO-1 ने क्या कुछ जानकारी दी, देखें वीडियों…


