समस्तीपुर पुलिस लाइन स्थित निर्माणाधीन महिला सिपाही बैरक के निर्माण में बड़ी गड़बड़ी, ठेकेदार पर FIR दर्ज

समस्तीपुर : पुलिस लाइन में निर्माणाधीन 200 बेड के महिला सिपाही बैरक के निर्माण कार्य में अनियमितता को लेकर संवेदक (ठेकेदार) के विरुद्ध मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता नौशाद आलम के आवेदन पर मुफस्सिल पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों के विपरीत लोहे की छड़ लगाए जाने का आरोप लगाया गया है।
बताया गया है कि निर्माणाधीन बैरक के निरीक्षण के लिए टीम पहुंची थी। टीम में कनीय अभियंता धमेंद्र कुमार, सहायक अभियंता चकलेश्वर खरवार और बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम, पटना के गुणवत्ता नियंत्रण प्रमंडल मुख्यालय के अधिकारी शामिल थे। निरीक्षण के दौरान पिलिंथ के ऊपर बनाए जा रहे आठ कॉलम में लोहे की छड़ों की स्थिति मानक के अनुरूप नहीं मिली। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, कॉलम में निर्धारित संख्या में छड़ लगाए जाने थे, लेकिन आरोप है कि संवेदक की एजेंसी की ओर से छड़ों को काटकर ऊपर की ओर खिसकाकर बांध दिया गया था।


कॉलम में लोहे की सेंटरिंग का काम पूरा कर ढलाई की तैयारी चल रही थी। निरीक्षण टीम ने ढलाई से पहले ही गड़बड़ी को पकड़ लिया गया। कार्यपालक अभियंता ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में इस तरह की अनियमितता से भवन की मजबूती प्रभावित हो सकती थी। मामले में गया निवासी संवेदक प्रभाकर कुमार की एजेंसी मेसर्स शिवम इंफ्रा को आरोपित किया गया है। निर्माण कार्य की अनुबंध राशि करीब 7.86 करोड़ रुपये बताई गई है। इस संबंध में थानाध्यक्ष अजित प्रसाद सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।




