समस्तीपुर : हथेली पर डंसने के बाद भी सांप को नहीं छोड़ा, डिब्बे में बंद कर बाइक से पहुंचा सदर अस्पताल

समस्तीपुर : मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भूईधारा में मंगलवार की शाम सांप पकड़ने पहुंचे एक व्यक्ति ने साहस का परिचय देते हुए एक छह वर्षीय बच्चे को कोबरा के डंसने से बचा लिया। बच्चे की ओर बढ़ रहे सांप के सामने युवक ने अपना हाथ कर दिया। कोबरा ने उसकी हथेली के ऊपर डंस लिया। इसके बावजूद युवक ने सांप को नहीं छोड़ा और दूसरे हाथ से पकड़कर प्लास्टिक के डिब्बे में बंद कर दिया। इसके बाद वह खुद बाइक चलाकर कोबरा को साथ लेकर सदर अस्पताल पहुंच गया। अस्पताल में इलाज के दौरान जहर का असर बढ़ने पर वह बेहोश होने लगे। डॉक्टर ने रातभर उपचार के दौरान 20 वायल एंटी-स्नेक वेनम दिया, जिसके बाद उसकी जान बच सकी।
जानकारी के अनुसार हरपुर एलोथ निवासी उमेश भगत को सांप पकड़ने का शौक है। मंगलवार शाम भूईधारा शनिचरा स्थान निवासी अवधेश कुमार ने घर में कोबरा घुसने की सूचना देकर उन्हें बुलाया था। उमेश घर में सामान हटाकर सांप को पकड़ने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान अवधेश का छह वर्षीय बेटा अचानक कोबरा के करीब पहुंच गया। सांप बच्चे पर हमला करने के लिए बढ़ा तो उमेश ने अपना बायां हाथ आगे कर दिया। कोबरा ने बच्चे के बजाय उमेश की हथेली पर डंस लिया।


कोबरा के दांत उमेश की हथेली में फंस गए थे। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। दूसरे हाथ से सांप को पकड़कर प्लास्टिक के डिब्बे में बंद कर दिया। इसके बाद बाइक से सदर अस्पताल पहुंचे। डिब्बे में बंद कोबरा को देखकर अस्पताल के डॉक्टर और कर्मी भी हैरान रह गए। उमेश का इलाज कर रहे डॉक्टर जीवछ कुमार ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के समय उनकी स्थिति ठीक थी, लेकिन धीरे-धीरे जहर का असर बढ़ने से वह बेहोश होने लगे। रातभर उपचार के बाद उन्हें होश आया और स्थिति सामान्य होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उमेश ने बताया कि वह कोबरा को किसी दूर जंगल वाले इलाके में ले जाकर छोड़ देंगे। उनके अनुसार, इससे पहले भी वह कई विषैले सांप पकड़कर वन में छोड़ चुके है।




