समस्तीपुर : 26 सितम्बर 2026 को समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में वॉटरस्पाउट का रोमांचक दृश्य देखा गया जिसका वीडियो मौसम विभाग की ओर से जारी किया गया है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर तरह तरह की चर्चा हो रही है। बिहार के कई जिलों में पिछले तीन-चार दिनों से बारिश हो रही है। बताया जा रहा है कि उत्तरी थाइलैंड से उठकर बंगाल की खाड़ी तक पहुंचे अर्णब चक्रवात के असर से मानसून की विदाई से पहले बिहार का मौसम बिगड़ गया है। बारिश के दौरान बिहार के समस्तीपुर में प्रकृति का एक अद्भुत नाजारा देखने को मिला। शुक्रवार (26 सितम्बर 2026) को जिले के मोहिउद्दीन नगर में वॉटरस्पाउट का रोमांचक दृश्य देखा गया जिसका वीडियो मौसम विभाग की ओर से जारी किया गया है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चा हो रही है।
स्थानीय लोगों ने यह वीडियो रिकॉर्ड किया है जिसमें उनकी आवाज भी आ रही है। तीन-चार लोग आपस में बात करते हुए इसे देखकर काफी हैरत में हैं। लोग कह रहे हैं कि इसकी चपेट में आए घर के उपर रखा गया करकट(टीन या सेमेंट से बनी चादर का छत) कागज की तरह हवा में उड़ रहा है। इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर धड़ाधड़ शेयर भी किया जा रहा है। कुछ घंटों में ही प्रकृति की आश्चर्यजनक की लीला को लाखों की संख्या में व्यूज भी मिल चुके हैं।
वॉटरस्पाउट जिसे हिन्दी में जलस्तम्भ कहते हैं, पानी के ऊपर बनने वाला एक प्रकार का शक्तिशाली बवंडर होता है काफी तेजी से घुमता रहता है। यह हाथी के सूंड या तेल निकालने वाले कीप की तरह दिखता है। यह मूलरूप से हवा है जो घुमते हुए आकाश और पानी की सतह को जोड़ता हुआ प्रतीत होता है। वॉटरस्पाउट अक्सर बड़े जलाशय(समुद्र या नदी) के ऊपर बनता है। कभी-कभी यह छोटे स्थानों जैसे झील पर भी दिख जाता है। यह अपने साथ पानी की बूंदें, धुंध, फुहार और हल्की चीजों को खीच लेता है। कई बार यह अधिक ताकतवर होता है तब नुकसान भी पहुंचाता है।
वॉटरस्पाउट मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है जो इसकी उत्पत्ति से जुड़ा है। पहला प्रकार है शांत मौसम वॉटरस्पाउट । इसकी उत्पत्ति अक्सर शांत और थोड़ी गर्म मौसम में होती है। यह पानी की सतह के पास उत्पन्न होकर आकाश की ओर फैलते हुए बढ़ता है। कम शक्तिशाली होने के कारण यह तुलनात्मक रूप से कम खतरनाक होता है। दूसरा प्रकार कै तूफानी या टॉरनेडिक वॉटरस्पाउट। इसमें हवा की गति बहुत अधिक होती है। इस वजह से स्टॉर्म की तरह ताकतवर होता है। कभी कभी यह विनाशकारी भी हो सकता है। वीडियो पर लोगों के कमेंट भी आ रहे हैं। एक कमेंट में कहा गया है कि पुराने जमाने के लोग इसे हथिया सूंड कहते थे जो हथिया नक्षत्र में दिखता था। अधिकांश लोग इसे चमत्कार बताते हुए कह रहे हैं कि ऐसा पहले कभी नहीं देखा था। कुछ लोगों ने कहा है कि पहले इसके बारे में सुना था, आज देख भी लिया।
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