समस्तीपुर : जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत, जवाबदेह तथा प्रभावी बनाने की दिशा में पुलिस मुख्यालय ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। अनुमंडल स्तरीय थानों के अलावे जिले के तीन अन्य थानों को इंस्पेक्टर थाना के रूप में विकसित किया गया है, जहां अब इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी थानाध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे। पुलिस मुख्यालय के इस निर्णय को अपराध नियंत्रण, मामलों के त्वरित अनुसंधान और जनता को बेहतर पुलिसिंग सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अब तक जिले में केवल नगर, मुफस्सिल, दलसिंहसराय, रोसड़ा, पटोरी थाना में ही इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी थानाध्यक्ष के रूप में तैनात किए जाते थे। लेकिन बदलते हालात, बढ़ते आपराधिक मामलों और अनुसंधान के बढ़ते दबाव को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने जिले के कई अन्य महत्वपूर्ण थानों को भी इंस्पेक्टर थाना की श्रेणी में शामिल कर दिया है। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले के उजियारपुर, कल्याणपुर व विभूतिपुर थाना को इंस्पेक्टर थाना के रूप में उन्नत किया गया है। इन थानों में अब इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों की ही पदस्थापना होगी, जिससे थाना स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता और प्रशासनिक नियंत्रण दोनों मजबूत होंगे।
हालांकि अभी भी इनमें से दो थाने कल्याणपुर व उजियारपुर में इंस्पेक्टर रैंक स्तर के थानाध्यक्ष ही हैं। जबकी विभूतिपुर में अभी दरोगा रैंक के अधिकारी थानाध्यक्ष हैं, जिनको जल्द ही बदला जाएगा। एसपी अरविंद प्रताप सिंह के अनुसार जिन थानों में सालाना लगभग 350 या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हो रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर इंस्पेक्टर थाना का दर्जा दिया गया है। इसका उद्देश्य अनुभवी अधिकारियों की निगरानी में मामलों के अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ाना और लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाना है। जानकारी के मुताबिक पूरे बिहार में कुल 425 थानों को इंस्पेक्टर थाना के रूप में विकसित किया गया है, जिनमें समस्तीपुर के तीन थाने भी शामिल हैं।
नई व्यवस्था के तहत इंस्पेक्टर रैंक के थानाध्यक्ष संबंधित थाना क्षेत्र के अंचल निरीक्षक (सर्किल इंस्पेक्टर) का दायित्व भी संभालेंगे। वे विधि-व्यवस्था बनाए रखने के साथ महत्वपूर्ण मामलों की निगरानी और अनुसंधान का पर्यवेक्षण भी करेंगे। प्रत्येक इंस्पेक्टर थाना में दो सहायक पुलिस निरीक्षक (एसआई) को अपर थानाध्यक्ष के रूप में तैनात किया जाएगा। इनमें एक अधिकारी विधि-व्यवस्था और क्षेत्रीय पुलिसिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि दूसरे अधिकारी अनुसंधान और केस मॉनिटरिंग का कार्य देखेंगे। इससे कार्यों का बेहतर विभाजन होगा और पुलिसिंग व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। एसपी का मानना है कि इस नई व्यवस्था से अपराध नियंत्रण, अनुसंधान की गुणवत्ता और आम लोगों को मिलने वाली पुलिस सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही थानों की जवाबदेही बढ़ेगी और पुलिस-जन संवाद को भी नई मजबूती मिलेगी।
अब जिले के उजियारपुर, कल्याणपुर व विभूतिपुर थानों में इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों को ही थानाध्यक्ष के रूप में पदस्थापित किया जाएगा। बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा तीन सामान्य थानों को इंस्पेक्टर थाना का दर्जा दिया गया है। इस व्यवस्था से अपराध नियंत्रण, मामलों के त्वरित अनुसंधान व जनता को बेहतर पुलिसिंग सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
— अरविंद प्रताप सिंह, एसपी, समस्तीपुर
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