Samastipur

समस्तीपुर सदर अस्पताल में मिडवाइफरी लीड केयर यूनिट का डीएम ने किया उद्घाटन, मातृ-नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आयाम

समस्तीपुर : सदर अस्पताल में मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में गुरुवार को महत्वपूर्ण पहल की गई। डीएम रोशन कुशवाहा ने सदर अस्पताल में मिडवाइफरी लीड केयर यूनिट का उद्घाटन किया। इसके साथ ही मिडवाइफरी आईईसी रिपोर्टिंग डैशबोर्ड पर ऑनलाइन हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया गया। दोनों पहलों का उद्देश्य महिलाओं और नवजात शिशुओं को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण, सम्मानजनक एवं महिला-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

एमएलसीयू के उद्घाटन के अवसर पर डीएम ने कहा कि यह यूनिट केवल एक नई स्वास्थ्य सुविधा की शुरुआत नहीं है, बल्कि महिलाओं और नवजात शिशुओं को बेहतर, सुरक्षित और सम्मानजनक मातृत्व सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि मिडवाइफरी आधारित सेवाओं से गर्भावस्था, प्रसव और प्रसवोत्तर अवधि के दौरान महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं एविडेंस बेस्ड केयर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। भारत सरकार की इस पहल के तहत प्रशिक्षित नर्स द्वारा महिलाओं को गर्भावस्था से लेकर प्रसव और प्रसवोत्तर अवधि तक आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाएंगी। समस्तीपुर में एमएलसीयू को मजबूत करने के लिए पिछले कुछ समय से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें सहयोगी संस्था झपीगो की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

डिजिटल रिपोर्टिंग से होगी सेवाओं की बेहतर निगरानी :

इसी अवसर पर मिडवाइफरी आईईसी रिपोर्टिंग डैशबोर्ड पर ऑनलाइन हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों की डिजिटल क्षमता को बढ़ाना तथा मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना था। डीएम रोशन कुशवाहा ने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी का व्यवहारिक उपयोग करते हुए आईईसी रिपोर्टिंग डैशबोर्ड पर नियमित, सटीक और समयबद्ध तरीके से डेटा अपलोड करें।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक का प्रभावी उपयोग समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को डैशबोर्ड के संचालन, डेटा प्रविष्टि, रिपोर्ट तैयार करने, ऑनलाइन मॉनिटरिंग सहित विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने लाइव डेमो के माध्यम से डैशबोर्ड के विभिन्न मॉड्यूल का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि एमएलसीयू और डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली के माध्यम से मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता तथा निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।

उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान का उपयोग करते हुए गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने की अपील की। कार्यक्रम में बीएनआरसी पटना के रजिस्ट्रार, झपीगो के कार्यक्रम निदेशक नरोत्तम प्रधान, रुकसाना खातून, यूनिसेफ प्रतिनिधि डॉ. प्रेरणा, सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. गिरीश कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग पदाधिकारी, मिडवाइफ, एएनएम, जीएनएम सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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Avinash Roy

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