समस्तीपुर में कुमारी सिया भारती ने DSP विशेष अपराध के पद पर दिया योगदान, कमजोर वर्गों को मिलेगा त्वरित न्याय

समस्तीपुर : महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन और प्रभावी अनुसंधान को लेकर डीएसपी (विशेष अपराध) के पद पर कुमारी सिया भारती ने योगदान दे दिया है। उन्हें महिला थाना और अनुसूचित जाति/जनजाति थाना के पर्यवेक्षण (सुपरविजन) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के बड़े क्षेत्र व अत्यधिक व्यस्तता के कारण महिला एवं कमजोर वर्गों से जुड़े संवेदनशील मामलों की मॉनिटरिंग प्रभावित हो रही थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे मामलों की नियमित समीक्षा और प्रभावी निगरानी संभव हो सकेगी।
बिहार सरकार के गृह विभाग ने इस संबंध में 16 मार्च 2026 को आदेश जारी किया था। इसके तहत महिलाओं और कमजोर वर्गों से संबंधित मामलों के अनुसंधान और अभियोजन को गति देने के उद्देश्य से डीएसपी (विशेष अपराध) को अतिरिक्त अधिकार और जिम्मेदारियां प्रदान की गई हैं। वहीं प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए गठित मानव व्यापार निरोध इकाई (एएचटीयू) के संचालन में भी बदलाव किया गया है। अब एएचटीयू को महिला थाना के साथ टैग कर दिया गया है और इसे महिला थाना परिसर में ही संचालित किया जाएगा। यह इकाई सीधे अपराध अनुसंधान विभाग के डीएसपी (विशेष अपराध) के नियंत्रण में कार्य करेगी।

एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि महिलाओं और कमजोर वर्गों से जुड़े महत्वपूर्ण कांडों के अनुसंधान में तेजी लाने के साथ-साथ डीएसपी (विशेष अपराध) को अभियोजन की नियमित मॉनिटरिंग का दायित्व भी सौंपा गया है। इससे न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और अपराधियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। नई व्यवस्था के लागू होने से समस्तीपुर जिले में महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया और अधिक सशक्त एवं प्रभावी होने की संभावना जताई जा रही है।

ह्यूमन ट्रैफिकिंग में समन्वय बनाएंगे डीएसपी :
डीएसपी (विशेष अपराध) कुमारी सिया भारती ह्यूमन ट्रैफिकिंग, बच्चों की गुमशुदगी और एससी-एसटी मामलों में जिला पुलिस को सहयोग करेंगी। इनकी मॉनिटरिंग सीआईडी के कमजोर वर्ग के द्वारा की जाएगी। ह्यूमन ट्रैफिकिंग होने के कारण, उसमें होने वाली कार्रवाई, बच्चों की गुमशुदगी के बाद की कार्रवाई सहित अन्य बिंदुओं पर वे मुख्यालय और जिला पुलिस के बीच समन्वय बनाने का कार्य करेंगे।



