Samastipur

चीनी-प्लास्टिक नहीं, इस बार बांस की राखी बांधिए; समस्तीपुर के कुंदन कुमार रॉय ने तैयार किया खास डिजाइन

इस वर्ष रक्षाबंधन पर समस्तीपुर से एक ऐसी पहल सामने आई है, जिसमें मिथिला की लोक कला, पर्यावरण संरक्षण और स्वदेशी हस्तशिल्प का सुंदर संगम देखने को मिल रहा है. जिले के प्रेरक वक्ता और कला साधक कुंदन कुमार रॉय ने बांस और मिथिला पेंटिंग से सजी इको-फ्रेंडली राखियां तैयार की हैं, जो लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं. इन राखियों का उद्देश्य केवल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक बनना नहीं, बल्कि स्थानीय कला और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देना है.

बांस पर सजी मिथिला पेंटिंग

भारतीय संस्कृति में बांस को समृद्धि, वंश वृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है. इसी परंपरा को आधार बनाते हुए कुंदन कुमार रॉय ने राखी का मुख्य आधार बांस को बनाया है. इन राखियों पर बेहद बारीकी से मिथिला पेंटिंग की गई है. पारंपरिक लोक कला की यह झलक इन्हें साधारण राखी से अलग पहचान देती है और इन्हें एक कलात्मक स्मृति-चिह्न का रूप प्रदान करती है.

इस पहल की सबसे प्रेरक बात यह है कि कलाकार कुंदन कुमार रॉय स्वयं वर्णान्ध (Color Blind) हैं. रंगों की सामान्य पहचान में कठिनाई होने के बावजूद उन्होंने अपनी इस चुनौती को कभी बाधा नहीं बनने दिया. उन्होंने अपनी लगन और कला के दम पर ऐसी आकर्षक राखियां तैयार की हैं, जो बाजार में उपलब्ध प्लास्टिक और आयातित राखियों से अलग पहचान बना रही हैं.

स्थानीय कला और आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा

कुंदन कुमार रॉय का मानना है कि रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर स्वदेशी और पर्यावरण अनुकूल उत्पादों को अपनाने से स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को भी नया बाजार मिलेगा. उनकी यह पहल मिथिला कला के संरक्षण के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत की भावना को भी मजबूती देती है. अपनी इस पहल पर कुंदन कुमार रॉय कहते हैं, “यह सिर्फ राखी नहीं, हमारी परंपरा, सभ्यता, संस्कृति और पहचान का प्रतीक है. हमारा प्रयास है कि आधुनिकता की दौड़ में हम अपनी लोक कलाओं को न भूलें. बांस की राखियों पर मिथिला पेंटिंग ने इनकी सुंदरता और सामाजिक महत्व दोनों को बढ़ाया है.” उन्होंने कहा कि यह पहल स्थानीय हुनर को प्रोत्साहित करने और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण प्रयास है. इस रक्षाबंधन पर उनकी बनाई स्वदेशी राखियां भाई-बहन के स्नेह के साथ-साथ मिथिला की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी लोगों तक पहुंचाएंगी.

Avinash Roy

Recent Posts

बलभद्रपुर ने उजियारपुर को हराकर जीता क्रिकेट टूर्नामेंट का खिताब, अब्दुल्लाह बने ‘मैन ऑफ द मैच’

समस्तीपुर/उजियारपुर : उजियारपुर प्रखंड के गांवपुर पंचायत के बलभद्रपुर गांव में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट का…

6 मिनट ago

सालों से फॉर्म ही भरवा रहे, परीक्षा नहीं ले रहे; अभ्यर्थियों के सब्र का बांध टूटा तो BSSC दफ्तर में जड़ दिया ताला

बिहार कर्मचारी चयन आयोग कार्यालय के बाहर मंगलवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने विभिन्न…

2 घंटे ago

देवघर चारा घोटाला मामले में लालू यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जमानत को रद्द करने से किया इंकार

लालू यादव को देवघर चारा घोटाला मामले में बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने…

6 घंटे ago

समस्तीपुर ओवरब्रिज को 15 अगस्त से पहले चालू करने का रखा गया लक्ष्य, तीन अलग-अलग टीमें लगातार कर रही कार्य

समस्तीपुर : शहर के रेलवे ओवरब्रिज पर चल रहे मरम्मत कार्य का सोमवार को सदर…

7 घंटे ago

मुंबई के चर्चित लूटकांड का वांछित आरोपी समस्तीपुर से गिरफ्तार, ट्रांजिट रिमांड पर ले जा रही मुंबई पुलिस

समस्तीपुर/बिथान : बिहार एसटीएफ और मुंबई पुलिस की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय अपराधियों के खिलाफ…

8 घंटे ago

समस्तीपुर सदर अस्पताल में 4 बेड का ICU तैयार, इसी हफ्ते होगा शुभारंभ; विशेषज्ञ डॉक्टर, जीएनम व नर्सिंग स्टाफ की हुई प्रतिनियुक्ति

अस्पताल प्रबंधन ने राउंड द क्लाॅक बनाया रोस्टर, 24 घंटे तैनात रहेंगे डॉक्टर व कर्मी…

9 घंटे ago