दीदियों के लिए रोजगार लोन का एक और विकल्प, समस्तीपुर में जीविका निधि से मिलेगा सस्ता ऋण

बिहार की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें निजी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के महंगे कर्ज के चंगुल से मुक्त कराने के लिए समस्तीपुर जिले में एक बड़ी पहल शुरू की गई है। राज्य सरकार के सहयोग से ‘जीविका निधि’ के रूप में महिलाओं को 15 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक का सस्ता और आसान ऋण दिया जा रहा है। इस योजना के तहत महिलाएं डेयरी, कृषि, पशुपालन समेत कई तरह के स्वरोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
जीविका निधि कैसे करेगी काम
जीविका निधि का गठन को-ऑपरेटिव एक्ट, 1996 के तहत किया गया है। यह मुख्य रूप से महिला संकुल संघों के एक मजबूत यूनियन के तौर पर काम करेगा। इसके संचालन और सभी नीतिगत फैसलों का अधिकार ‘बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स’ के पास सुरक्षित होगा। जबकि जीविका के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) इसके मैनेजिंग डायरेक्टर की भूमिका निभाएंगे। लोन देने के साथ-साथ इस पहल का एक मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल लेन-देन से जोड़ना भी है, ताकि वे आधुनिक बैंकिंग सिस्टम का लाभ उठा सकें।

तीन चरणों में मिलेंगे 2 लाख
इस विशेष योजना के तहत जीविका दीदियों की जरूरत और रोजगार के स्वरूप के आधार पर तीन अलग-अलग श्रेणियों में ऋण राशि तय की गई है:
प्रथम श्रेणी: ₹15,000 का प्रारंभिक लोन
द्वितीय श्रेणी: ₹75,000 का मध्यम लोन
तृतीय श्रेणी: ₹2,00,000 तक का बड़ा ऋण
इन रोजगारों के लिए मिलेगी मदद :
जीविका निधि से मिलने वाली इस सस्ती लोन राशि का उपयोग महिलाएं विभिन्न प्रकार के छोटे और मध्यम उद्योगों को स्थापित करने या पुराने काम को बढ़ाने के लिए कर सकती हैं। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
कृषि व संबद्ध क्षेत्र: डेयरी उद्योग, बकरी पालन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन और आधुनिक खेती-बाड़ी।
घरेलू व खाद्य उद्योग: खाद्य प्रसंस्करण, पापड़-अचार निर्माण, मसाला उद्योग और अगरबत्ती निर्माण।
कौशल आधारित स्वरोजगार: सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, हस्तशिल्प और रेडीमेड वस्त्र निर्माण।
खुदरा व्यापार: किराना दुकान और अन्य स्थानीय व्यापारिक प्रतिष्ठान।

30 हजार से अधिक ऑनलाइन आवेदन
इस नई व्यवस्था को लेकर समस्तीपुर जिले की महिलाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। जिले के सभी 20 प्रखंडों में आवेदन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, जिसके तहत अब तक लगभग 30 हजार जीविका दीदियों ने सस्ते ऋण के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। गौरतलब है कि समस्तीपुर जिले में वर्तमान समय में कुल 3,303 ग्राम संगठन सक्रिय हैं, जिनसे 5 लाख से अधिक जीविका दीदियां जुड़ी हुई हैं।

दो से तीन दिनों में खाते में आएगी राशि
योजना की जमीनी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए जीविका के सूचना प्रबंधक संतोष कुमार ने बताया कि सभी प्रखंडों में ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। आवेदन सबमिट होने के बाद विभाग की ओर से उनकी बारीकी से जांच की जाएगी। इसके बाद अगले दो से तीन दिनों के भीतर आवेदकों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) पूरा कर लिया जाएगा। जांच में पात्र पाए जाने वाले सभी लाभार्थियों के बैंक खाते में ऋण की राशि सीधे (DBT के माध्यम से) ट्रांसफर कर दी जाएगी। इस पूरी पारदर्शी प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक जीविका के विशेष अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम तैनात की गई है। इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में निजी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के ऊंचे ब्याज दरों पर महिलाओं की निर्भरता पूरी तरह खत्म हो जाएगी।


