ASI बबलू प्रसाद को पिता की मौ’त के बाद अनुकम्पा पर मिली थी नौकरी, एसपी ने कहा- “हंसमुख व शांत स्वभाव के थे बबलू”

समस्तीपुर/मोहिउद्दीननगर : मोहिउद्दीननगर थाने में पदस्थापित डायल 112 के सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) बबलू प्रसाद ने संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। शनिवार की सुबह उनका शव थाना परिसर की इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल पर स्थित एक कमरे (पैसेज) से बरामद किया गया। इस घटना के बाद से पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया। घटना की सुचना मिलते ही मिथिला प्रक्षेत्र के डीआइजी मनोज कुमार तिवारी, एसपी अरविन्द प्रताप सिंह व पटोरी एसडीपीओ वीरेन्द्र कुमार मेधावी मोहिउद्दीननगर थाना पहुँच अन्य पुलिस कर्मियों से इस मामले की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और पोस्टमार्टम के लिए शव को सदर अस्पताल भेज दी।
थाने के पुलिस से मिली जानकारी के बबलू प्रसाद थाने के बिल्डिंग में दूसरी मंजिल के एक कमरा में रहते थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि शनिवार की सुबह वे अपने कमरे से निकल कर टॉप मंजिल के सीढी के बगल के कमरानुमा पैसेज मे जाकर प्लास्टिक के नये रस्सी से फंदा लगाया है। जब सुबह पुलिस कर्मी स्नान करने ऊपर मंजिल पर गए तो बबलू को फंदा से लटका देख अचंभित हो गए। इस बात की जानकारी थाना परिसर मे आग की तरह फैल गई। पुलिस के अनुसार दरोगा बबलू प्रसाद बगहा जिला के नौरंगिया थाना के कटईया वार्ड 11 का रहने वाले थे। इनके पिता सूर्यनारायण महतो पुलिस विभाग मे ही कार्यरत थे। जिनकी असामयिक निधन के बाद इन्हे अनुकम्पा पर नौकरी मिली थी। एक पुत्र व एक पुत्री के पिता बबलू प्रसाद की पत्नी सुनीता देवी प्राथमिक विद्यालय मठिया मे बतौर शिक्षक के पद पर कार्यरत है।


स्नान करने गए कर्मियों ने देखा शव :
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आशंका जताई जा रही है कि दरोगा ने शनिवार की सुबह ही आत्मघाती कदम उठाया होगा। रोजाना की तरह जब थाने के अन्य स्टाफ और पुलिसकर्मी सुबह स्नान करने के लिए ऊपरी मंजिल पर गए, तो उन्होंने सीढ़ी के बगल वाले एक खाली कमरे में दरोगा बबलू प्रसाद का शव प्लास्टिक के नये रस्सी (फंदे) से लटका हुआ देखा। सहकर्मियों को इस हालत में देख पुलिसकर्मी स्तब्ध रह गए और तुरंत इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी। उसके बाद थाना परिसर मे हलचल मच गया।

कल्याणपुर थाने मे होना था नया योगदान :
स्थानीय पुलिस कर्मियों ने बताया कि मूल रूप से बगहा जिला निवासी दरोगा बबलू प्रसाद का शुक्रवार को ही मोहीउद्दीननगर थाने से कल्याणपुर थाने में तबादला किया गया था। सरकारी आदेश के मुताबिक उन्हें शनिवार को ही कल्याणपुर थाने में जाकर योगदान करना था। लेकिन नई जगह कार्यभार संभालने की सुबह ही उन्होंने मोहीउद्दीननगर थाने के ऊपरी मंजिल मे सीढ़ी के समीप पैसेज (कमरे) में गले में फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। लोगों में चर्चा है कि आखिर योगदान से पूर्व ही बबलू का इस कदर कदम उठाना कई सवाल खड़ा कर रहा है?

पिता के मौत के बाद अनुकम्पा पर मिली थी नौकरी :
मोहिउद्दीननगर। मृतक दरोगा बबलू प्रसाद बगहा जिले के नौरंगिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कटईया गांव के रहने वाले थे। प्रखंड मे कार्यरत उनके ग्रामीण के मुताबिक बबलू प्रसाद को पुलिस विभाग में यह नौकरी उनके पिता सूर्यनारायण महतो के मौत के बाद अनुकंपा के आधार पर मिली थी। उनकी पत्नी सुनीता देवी गांव के समीप प्राथमिक विद्यालय मठिया मे शिक्षिका हैं। हंसमुख और शांत स्वभाव के दरोगा द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम से उनका पूरा परिवार और गांव के लोग भी गहरे सदमे में हैं। उनके सहकर्मी का बताना है कि वे बिल्कुल निरलोभ, सादगी व शांत जीवन पसंद करते थे।
— Samastipur Town (@samastipurtown) July 19, 2026
मोहिउद्दीननगर पहुंचे पुलिस के अलाधिकारी मोहिउद्दीननगर थाने के भीतर दरोगा की खुदकुशी की खबर मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी हरकत में आ गए। सुचना मिलते ही मिथिला प्रक्षेत्र के डीआइजी मनोज कुमार तिवारी, एसपी अरविन्द प्रताप सिंह, पटोरी एसडीपीओ वीरेन्द्र कुमार मेधावी, इंस्पेक्टर पवन कुमार, प्रभारी थानाध्यक्ष अन्नू कुमारी, एसआई राम कुमार समेत भारी संख्या में कई थानों की पुलिस बल पहुंच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया है, जो घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है और मामले की हर एंगल से गहन जांच की जा रही है कि आखिर दरोगा ने अपने ट्रांसफर वाले दिन ही ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाया।

बयान :
मोहिउद्दीननगर थाने के डायल 112 के दरोगा बबलू प्रसाद हंसमुख व शांत स्वभाव के थे। शुक्रवार को अपनी ड्यूटी कर रात में आये है। सुबह उनकी लाश छत के ऊपरी मंजिल के एक कमरा से बरामद हुई है। उनके साथ रहने वाले लोगो से भी विस्तृत जानकारी ली गई है। उनके परिजनों से सम्पर्क किया गया है। वो लोग भी पहुंच रहे है। इस विपत्ती की घड़ी मे हम सभी उनके परिवार के साथ है। जो भी सहायता हो पायेगी वह किया जाएगा।
—अरविंद प्रताप सिंह, एसपी, समस्तीपुर

एएसआई को नम आंखों से पुलिसकर्मियों ने दी श्रद्धांजलि, परिजनों ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
मोहिउद्दीननगर थाना परिसर स्थित अपने कमरे में मृत पाए गए डायल-112 में तैनात एएसआई बबलू प्रसाद को शनिवार की शाम नगर थाना परिसर में पूरे पुलिस सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। सदर अस्पताल में मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम के बाद उनका पार्थिव शव नगर थाना परिसर लाया गया, जहां पुलिस अधिकारियों और जवानों ने पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान एसपी अरविंद प्रताप सिंह, ट्रैफिक डीएसपी अभिषेक चौबे, नगर थानाध्यक्ष अजीत कुमार, मुफस्सिल थानाध्यक्ष अजीत प्रसाद सिंह, ट्रैफ़िक थानाध्यक्ष राकेश कुमार रंजन समेत अन्य कई पुलिस पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।
श्रद्धांजलि के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया और अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव लेकर रवाना किया गया। पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में विधि-विज्ञान संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मेडिकल बोर्ड की देखरेख में कराया गया। पूरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान नगर थानाध्यक्ष अजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे, जबकि मोहिउद्दीननगर थाना की टीम भी सदर अस्पताल में तैनात रही।

इधर शनिवार की शाम करीब 6:30 बजे अस्पताल पहुंचे मृतक की पत्नी सुनीता कुमारी, बड़े भाई मुन्ना लाल, चाची निर्मला देवी, चचेरे भाई जयदेव कुमार व अन्य परिजन सदर अस्पताल पहुंचे। इस दौरान मृतक एएसआई की पत्नी सुनीता कुमारी बार-बार बेहोश होकर बेसुध हो जा रही थी। मृतक की चाची निर्मला देवी उसकी पत्नी को बार-बार संभाल रही थी। होश में आने पर मृतक की पत्नी ने बताया कि घटना से एक दिन पहले ही उनकी अपने पति बबलू प्रसाद से सामान्य बातचीत हुई थी। उन्होंने अपनी मां से भी फोन पर बात की थी, लेकिन किसी प्रकार की परेशानी, तनाव या विवाद की कोई जानकारी नहीं दी थी।
पत्नी के अनुसार उनका किसी से पारिवारिक विवाद भी नहीं था। परिजनों ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बनीं, जिनके कारण यह दुखद घटना हुई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। गौरतलब है कि मोहिउद्दीननगर थाना परिसर में एएसआई बबलू प्रसाद का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है। मामले की जांच पुलिस विभिन्न पहलुओं से कर रही है।
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