चोरी की स्कॉर्पियो पर लगा था विधायक की गाड़ी का नंबर प्लेट, समस्तीपुर पुलिस ने दो को किया गिरफ्तार

समस्तीपुर : मुफस्सिल थाने की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए शहर के मोहनपुर रोड स्थित एक पेट्रोल पंप के समीप से चोरी की एक स्कॉर्पियो के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह रही कि वाहन पर लगा नंबर प्लेट विभूतिपुर के विधायक अजय कुमार की गाड़ी का निकला। मामले का खुलासा होने के बाद थानाध्यक्ष ने तत्काल विधायक को इसकी सूचना दी।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान वैशाली जिले के पातेपुर थाना क्षेत्र के मोरा बुजुर्ग निवासी हेमनारायण राय के पुत्र राजीव कुमार तथा सरायरंजन थाना क्षेत्र के गांवपुर निवासी विनोद झा के पुत्र राहुल कुमार के रूप में हुई है। दोनों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बता दें कि गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि मोहनपुर रोड में चोरी की एक स्कॉर्पियो का नंबर प्लेट बदला जा रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध वाहन के साथ दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान वे वाहन से संबंधित कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद उन्हें थाना लाया गया। थाने में वाहन के नंबर प्लेट की जांच की गई तो वह विभूतिपुर विधायक अजय कुमार के नाम से रजिस्टर्ड निकला। संदेह होने पर पुलिस ने स्कॉर्पियो के चेसिस नंबर का मिलान किया, जिसमें नंबर प्लेट और वाहन के वास्तविक विवरण में अंतर पाया गया। इसके बाद चेसिस नंबर के आधार पर वाहन की असली पहचान की गई।

जांच में सामने आया कि स्कॉर्पियो का वास्तविक रजिस्ट्रेशन नंबर बीआर-03एजे-6348 है और यह भोजपुर (आरा) जिले की है। यह एस-5 स्काॅर्पियो वाहन कुछ महीने पहले आरा से चोरी हुआ था, जिसकी प्राथमिकी संबंधित थाने में दर्ज है। वहीं चोरी की इस स्कॉर्पियो पर बीआर-01पीएम-0351 नंबर की प्लेट लगाई गई थी, जो विधायक अजय कुमार की गाड़ी एस-11 स्कार्पियो का पंजीकरण नंबर है। पुलिस ने वाहन के वास्तविक मालिक से संपर्क किया तो चोरी की पुष्टि हुई।

मुफस्सिल थानाध्यक्ष अजित प्रसाद सिंह ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि चोरी के वाहन पर विधायक की गाड़ी का नंबर प्लेट कैसे लगाया गया। इधर, विधायक अजय कुमार ने बताया कि उनकी स्कॉर्पियो एस-11 फिलहाल बिक्री के लिए महिंद्रा एजेंसी में खड़ी है और इसकी रसीद भी उनके पास उपलब्ध है। पुलिस से जानकारी मिलने के बाद उन्होंने एजेंसी से संपर्क किया, जहां उनकी गाड़ी और उसका नंबर प्लेट सही सलामत पाया गया। विधायक ने पुलिस से यह भी जांच करने की मांग की है कि एचएसआरपी नंबर प्लेट की डुप्लीकेट कॉपी बनाकर चोरी के वाहन पर कैसे इस्तेमाल की जा रही है।



