होली मिशन हाई स्कूल में बाल पहलवानों ने दिखाया दम, कुश्ती की रोमांचक कलाबाजियों ने जीता दिल

समस्तीपुर : शहर के मोहनपुर स्थित होली मिशन हाई स्कूल में बाल पहलवानों की कुश्ती एवं पारंपरिक अखाड़ा कला का शानदार प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रतियोगिता में बाल पहलवानों ने अपने दांव-पेंच और हैरतअंगेज कलाबाजियों से विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की सह-संस्थापिका विभा देवी, महिला कल्याण समिति की सचिव नीना श्रीवास्तव, समाजसेविका माधुरी श्रीवास्तव, विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. धर्मांश रंजन, वरिष्ठ अधिवक्ता सरोज कुमार सिन्हा तथा पूर्व जिला पार्षद शिवशंकर राय ने पारंपरिक विधि से अखाड़े का उद्घाटन कर किया।
प्रतियोगिता में आजमगढ़ से आए आठ जोड़ी बाल पहलवानों ने तीन-तीन दौर में अपने कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। तन्नु यादव, सृष्टि यादव, काजल, शिवांगी यादव, गौरी प्रजापति, कंचन, रुबी राजभर, अनुष्का यादव, अंशिका, हिमांशु यादव, जॉनी चौपाल, कृष्णा, गौरव चौहान, सौरभ चौहान, अनुराग यादव, अभिषेक यादव और अमन यादव सहित सभी प्रतिभागियों ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।

विजयी पहलवानों को विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य गंगा नारायण झा, पूर्व प्राचार्य डॉ. एस.के. अहमद, के.के. उपाध्याय, डी.एन. मिश्रा, के.के. वर्मा, मनीषा झा एवं निभा कुमारी सहित अन्य शिक्षकों ने नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। खेल अकादमी के प्रशिक्षक अमरजीत कुमार यादव ने विद्यार्थियों को अखाड़ा संस्कृति की जानकारी देते हुए बताया कि अखाड़े की मिट्टी में सरसों का तेल, हल्दी और घी मिलाया जाता है, जिससे पहलवानों को गिरने पर चोट कम लगती है। उन्होंने कहा कि अखाड़ा पहलवानों के लिए देवतुल्य होता है।

वरिष्ठ अधिवक्ता सरोज कुमार सिन्हा ने कहा कि कुश्ती और अखाड़ा संस्कृति में बिहार का गौरवशाली इतिहास रहा है। उन्होंने जरासंध के प्रसिद्ध अखाड़े का उल्लेख करते हुए बच्चों को भारतीय पारंपरिक खेलों से जुड़ने की प्रेरणा दी। समापन समारोह में विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. धर्मांश रंजन ने सभी पहलवानों, प्रशिक्षकों और अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को खेलों में आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा निखारने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।



