समस्तीपुर : जिले में साइबर अपराधियों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। गुरुवार को नगर थाना क्षेत्र के पंजाबी काॅलोनी में एक व्यक्ति से स्मार्ट मीटर अपडेट करने के नाम पर करीब 1 लाख 93 हजार 596 रुपये की ठगी कर ली गई। पीड़ित की पहचान पंजाबी कॉलोनी निवासी चंद्र प्रकाश के पुत्र रूपेश कुमार झा (45) के रूप में हुई है। इस संबंध में पीड़ित ने गुरुवार को साइबर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित रूपेश कुमार ने बताया कि उन्हें मोबाइल नंबर 7632901821 से एक कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बिजली विभाग से जुड़ा बताते हुए स्मार्ट मीटर अपडेट करने की बात कही।
खास बात यह रही कि रूपेश ने एक दिन पहले ही स्मार्ट मीटर के लिए विद्युत कार्यालय में आवेदन किया था, जिससे उसे फोन करने वाले पर आसानी से विश्वास हो गया। साइबर ठग ने प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर पहले 100 रुपये फोन पे एप के जरिए भुगतान करने को कहा। पीड़ित ने बिना शक किए भुगतान कर दिया। इसके बाद ठग ने कहा कि भुगतान सफल नहीं हुआ है और किसी अन्य नंबर से फिर से राशि भेजने को कहा।
इस पर रूपेश ने अपनी पत्नी के मोबाइल से भी 100 रुपये का भुगतान कर दिया। इसी दौरान साइबर अपराधियों ने दोनों मोबाइल को हैक कर लिया और धीरे-धीरे अलग-अलग किश्तों में खातों से पैसे उड़ाने लगे। जब तक पीड़ित को ठगी का एहसास होता, तब तक उसके खाते से 1 लाख 67 हजार 906 रुपये और उसकी पत्नी के खाते से 25 हजार 690 रुपये की निकासी हो चुकी थी। पीड़ित ने बताया कि खाते से पैसे कटने के मैसेज आने पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने तुरंत साइबर थाना पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में साइबर डीएसपी दुर्गेश दीपक ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है और प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। पुलिस तकनीकी जांच के आधार पर फ्रॉडो की पहचान करने में जुटी है।
जिले में हाल के दिनों में साइबर ठगी के मामलों में तेजी आई है। हर रोज साइबर थाने पर आधा दर्जन से अधिक मामले पहुंच रहे हैं। कभी केवाईसी अपडेट, तो कभी बिजली बिल या स्मार्ट मीटर के नाम पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। साइबर बदमाश लोगों की छोटी-छोटी जानकारी का फायदा उठाकर उन्हें अपने जाल में फंसा रहे हैं।
साइबर डीएसपी दुर्गेश दीपक का कहना है कि किसी भी अनजान कॉल पर बैंकिंग या भुगतान से जुड़ी जानकारी साझा न करें। किसी भी प्रकार के लिंक, एप या भुगतान के लिए पहले आधिकारिक स्रोत से पुष्टि जरूर करें। उन्होंने लोगों से किसी भी लालच में ना पड़ने और डरने से मना किया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस तरह के किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी साइबर थाना में दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
जिले में इन दिनों आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (एईपीएस) के जरिए साइबर ठगी का नया नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। जिले में अचानक इस तरह की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे आम लोग परेशान हैं। जानकारी के अनुसार, साइबर ठग अब लोगों के बायोमेट्रिक डेटा को क्लोन कर उनके बैंक खातों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की अवैध निकासी कर रहे हैं। ठग किसी तरह से फिंगरप्रिंट हासिल कर उसका क्लोन तैयार कर लेते हैं और एईपीएस के माध्यम से खाते से पैसे उड़ा लेते हैं।
इसको लेकर साइबर डीएसपी दुर्गेश दीपक ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों तक एईपीएस के जरिए पैसे निकालने से बचें और जरूरत पड़ने पर सीधे बैंक शाखा से ही निकासी करें। उन्होंने यह भी सलाह दी कि किसी भी अनजान या संदिग्ध डिवाइस पर अपना बायोमेट्रिक न दें। यदि बैंकिंग कार्य के लिए बायोमेट्रिक देना आवश्यक हो, तो पहले यह सुनिश्चित कर लें कि मशीन पर किसी तरह का सिलिकॉन या प्लास्टिक कवर न लगा हो। साइबर ठग फिंगरप्रिंट का क्लोन तैयार कर आसानी से खातों से पैसे निकाल रहे हैं।
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