दुर्गेश दीपक (साईबर डीएसपी, समस्तीपुर)
समस्तीपुर : जिले में संचालित करीब 19 बैंक अकाउंट से अधिक का उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में हो रहे साइबर फ्रॉड में किए जाने का मामला सामने आया है। इसमें करेंट अकाउंट भी शामिल है। साइबर थाने की जांच में यह खुलासा हुआ है कि ये खाते म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे थे। साइबर पुलिस के अनुसार जांच के दौरान पता चला कि अलग-अलग राज्यों में हुई ऑनलाइन ठगी के मामलों में जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर हुए, उनमें से कई खाते समस्तीपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित हैं।इसके बाद साइबर थाने की पुलिस इन खाता धारकों के खिलाफ कार्रवाई में जुट गयी है।
जांच में यह भी सामने आया है कि साइबर अपराधियों ने समस्तीपुर के कुछ लोगों से संपर्क कर उनके बैंक खातों का उपयोग किया है। कुछ मामलों में खाताधारकों को कमीशन देने का लालच दिया गया, जबकि कुछ मामलों में लोगों को यह भी जानकारी नहीं थी कि उनके खाते का इस्तेमाल ठगी के पैसे के लेनदेन में किया जा रहा है। साइबर पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। तकनीकी साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस की टीम अन्य राज्यों में भी छापेमारी कर रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े मुख्य आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
साइबर डीएसपी दुर्गेश दीपक का कहना है कि जल्द ही इस मामले में बड़े खुलासे हो सकते हैं। समस्तीपुर में साइबर थाने की पुलिस के द्वारा इन संदिग्ध खातों से जुड़े खाताधारकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सत्यापन के लिए संबंधित लोगों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। अगर जांच में किसी की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साइबर डीएसपी ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या ओटीपी की जानकारी न दें। साथ ही किसी भी लालच में आकर अपने खाते का उपयोग दूसरों को नहीं करने दें, अन्यथा वे भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी को साइबर ठगी से संबंधित कोई जानकारी मिलती है तो वे तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं या नजदीकी साइबर थाना से संपर्क कर सकते है। साइबर डीएसपी का बताना है की समस्तीपुर जिले में कुल 19 ऐसे म्यूल अकाउंट को चिन्हित किया गया है। जिसमें करोड़ों रुपये की राशि साइबर फ्रॉड द्वारा भेजकर निकासी की गयी है। सीसीएसयू की तरफ से साइबर प्रहार 2 प्वाइंट ओ के तहत म्यूल खाता की जांच कर कार्रवाई का निर्देश मिला था। विभाग से कुल 45 बैंक अकाउंट का विवरण समस्तीपुर साइबर पुलिस को मिला। इसके बाद सत्यापन कर 19 म्यूल अकाउंट को चिन्हित कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जाने- अनजाने बैंक खाताधारक साइबर अपराधियों के चंगुल में फंस रहे हैं। साइबर अपराधियों के नेटवर्क में शामिल उनके एजेंट कमीशन के लालचियों की ताक में रहते हैं। उन्हें झांसे में देकर साइबर फ्रॉड के रूपये के बैंक खातों में मंगवाए जाते हैं, जिससे साइबर फ्रॉड की पहचान छिपी रहे। लोगों के बैंक खातों में रूपये ट्रांजेक्शन के ऐवज में उन्हें भारी कमीशन अथवा किराया देने का भरोसा दिया जाता है। मसलन अनजान व्यक्तियों को बैंक खातों का डिटेल देने से परहेज आवश्यक है। अगर बिना जानकारी के खाते में अनजान स्रोत से रूपये आ जाएं तो इसकी तत्काल जानकारी संबंधित बैंक एवं पुलिस को देना चाहिए।
साइबर अपराधी छोटे-छोटे एवं निजी बैंकों में म्यूल खातों का संचालन करवा रहे हैं। इसके पीछे खास वजह यह होती है कि ये बैंक करेंट अकाउंट खोलने में भी गहरा सत्यापन नहीं करते हैं। जिले में चिन्हित कुल 19 खाताधारकों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। खाताधारकों को नोटिस भेजकर थाने बुलाया गया है।
दुर्गेश दीपक, साइबर डीएसपी, समस्तीपुर
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