मोहिउद्दीननगर में निलंबित ASI सरोज सिंह के घर से बरामद इंसास का रोहतास जिले से जुड़ा कनेक्शन, EVM की सुरक्षा में लगे जवान का चोरी हुआ था हथियार

समस्तीपुर : मोहिउद्दीनगर थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गंगा दियारा इलाके में निलंबित एएसआई सरोज सिंह के घर से इंसास राइफल के अलावा अन्य हथियारों की बरामदगी में पुलिस अब तक सुराग तलाश रही है। बरामदगी के करीब एक साल बीतने को है लेकिन पुलिस अभी तक पुलिस यह ही पता लगा रही है की उसके पास हथियार कहां से पहुंचा। इधर निलंबित एएसआई सरोज सिंह के घर से बरामद इंसास राइफल का कनेक्शन रोहतास जिले से जुड़ता दिख रहा है।
जांच में स्पष्ट हुआ है कि बरामद हथियार रोहतास जिला पुलिस बल का है और इसे लोकसभा चुनाव के दौरान ईवीएम वेयरहाउस से चुराया गया था। पिछले वर्ष जून महीने में समस्तीपुर पुलिस द्वारा की गई छापेमारी के दौरान सरोज सिंह के घर से इंसास राइफल बरामद हुई थी। हथियार पर अंकित कोड के आधार पर उसके ओरिजिनल होने की संभावना जताई गई थी। इसके बाद पुलिस ने कोड के जरिए विस्तृत जांच शुरू की। पड़ताल में सामने आया कि यह राइफल रोहतास जिला पुलिस की है।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान रोहतास जिले में ईवीएम वेयरहाउस की सुरक्षा में तैनात जवान मंटू कुमार संतरी ड्यूटी के बाद अपना हथियार कमरे में रखकर सो गया था। उसी कमरे में तीन अन्य सिपाही भी मौजूद थे। सुबह उठने पर इंसास राइफल गायब मिली। काफी खोजबीन के बाद भी हथियार का पता नहीं चला तो नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में एक युवक को हथियार चोरी करते देखा गया था, लेकिन घटना के बाद से वह आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।

इधर, समस्तीपुर में निलंबित एएसआई के घर से बरामद राइफल की जांच में जब रोहतास कनेक्शन सामने आया तो पुलिस के लिए यह मामला और गंभीर हो गया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईवीएम वेयरहाउस से चोरी हुई राइफल सरोज सिंह तक कैसे पहुंची। फिलहाल इस मामले में जेल में बंद सरोज सिंह से पूछताछ कर पुलिस पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
बयान :
निलंबित एएसआई सरोज के घर से बरामद इंसास राइफल लोकसभा चुनाव के दौरान रोहतास जिले से ईवीएम की सुरक्षा में लगे जवान का गायब हुआ हथियार था। अब यह पता लगाया जा रहा है कि उक्त हथियार सरोज तक कैसे पहुंचा और इसमें उसकी किस-किसने मदद की।
– अरविंद प्रताप सिंह, एसपी, समस्तीपुर





