समस्तीपुर : समस्तीपुर शहर के मथुरापुर घाट स्थित मौलाना मजहरूल हक टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज परिसर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लेकर सेमिनार का आयोजन किया गया। शिक्षकों की भूमिका की पुनर्कल्पना: दृष्टिकोण में परिवर्तन और नीतिगत विकास, विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शिक्षा सेमिनार हो रहा है। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन राष्ट्रीय अध्यापन परिषद के पूर्वोंतर क्षेत्रीय समिति (ERC NCTE) के अध्यक्ष डॉ. दिव्यज्योति महानता और मगध विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. मो. इस्तेयाक के संबोधन से हुआ।
पूर्व कुलपति मो. इस्तेयाक ने कहा कि शिक्षा में ट्रेनिंग बहुत जरूरी है। बिना हम ट्रेनिंग लिए हम बच्चों को ट्रेंड नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जो पायलट न हो वह प्लेन नहीं उड़ा सकता। जो तीर चलाना नहीं जानता, वह अर्जुन नहीं बन सकता। आजादी के बाद यहां की शिक्षा के 78 साल हो गए। लेकिन जो फल मिलना चाहिए था, वह नहीं मिला। जिसका कारण है कि हम बच्चों को जो ट्रेनिंग देना चाहिए, वह ट्रेनिंग नहीं दे रहे। इसिलिए शिक्षकों का ट्रेंड होना जरूरी है। तभी हम ट्रेंड बच्चों कर सकेंगे।
नई शिक्षा नीति शिक्षक की भूमिका को अधिक सृजनात्मक, समावेशी और बहुआयामी बनाती है। शिक्षक समाज की वैचारिक नींव रखता है, इसलिए उसका सतत् प्रशिक्षण और अकादमिक स्वतंत्रता अत्यंत आवश्यक है। सेमिनार में ऐसे शिक्षकों को भी ट्रेनिंग के बारे में बताएं जो ट्रेंड नहीं है। इसके साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में शिक्षकों की बदलती भूमिका , शेक्षिक ढांचे में आये नीतिगत परिवर्तन ,पवाचार,तकनीकी समावेशन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर इस समेमिनार में गहन विमर्श किया जाएगा।
मौके पर राष्ट्रीय अध्यापक परिषद के पूर्वोत्तर क्षेत्रीय समिति के अध्यक्ष डॉ दिव्यज्योति महालता ने कहा कि इस सेमिनार में कई देशों के शिक्षाविद्, शोधकर्ता, नीति विशेषज्ञ, शिक्षक प्रशिक्षक और शिक्षा से जुड़े विद्वान, अपने विचार को साझा करेंगे। अलग-अलग तकनीकी सत्रों शेध पत्र प्रस्तुतियों और पैनल चर्चाओं के माध्यम से शिक्षा प्रणाली में हो रहे बदलावों पर व्यापक चर्चा दो दिनों में होगी। जिसके नतिजे अच्छे आएंगे। ताकि शिक्षकों को 21 वीं सदी की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने शिक्षकों प्रशिक्षिण की गुणवत्ता बढाने और शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होगा।
एम.एम.एच. वेलफेयर सोसाइटी, समस्तीपुर, मो. अबू सईद सचिव, मौलाना मजहरुल हक टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज ने भी अपने विचार साझा किए। सभी अतिथियों का स्वागत मौलाना मजहरुल हक टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अंजुम वारिस ने किया। संचालन डॉ. राहत करीम एवं डॉ. हरजिंदर कौर ने किया।अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में फैज यजदानी, व्याख्याता, जाजान विश्वविद्यालय, सऊदी अरब ने कहा कि वैश्विक स्तर पर शिक्षक की भूमिका तेजी से बदल रही है और डिजिटल लर्निंग व क्रिटिकल थिंकिंग आज के शिक्षक की पहचान बन चुकी है। प्रो. रियाज़ अहमद, होराइज़न यूनिवर्सिटी कॉलेज, अजमान (UAE) ने कहा कि NEP 2020 भारत को वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर सशक्त बनाएगी।
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