समस्तीपुर : केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल सीआरपीएफ के डीजी ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह सोमवार को सड़क मार्ग से समस्तीपुर पहुंचे। यहां वे मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रहीमपुर रुदौली गांव पहुंचकर नक्सल विरोधी अभियान में शहीद हुए इंस्पेक्टर कौशल किशोर मिश्र के आवास पर पहुंचे और उनके परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने शहीद की पत्नी माधुरी देवी समेत अन्य परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि घायल होने के बाद शहीद को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई, लेकिन ईश्वर की इच्छा के आगे सभी विवश रहे। सीआरपीएफ अपने हर वीरगति प्राप्त जवान और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
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डीजी ने शहीद के बलिदान को राष्ट्र के लिए अतुलनीय बताते हुए परिजनों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक अश्वमेघ देवी, मिथिला रेंज की डीआईजी डॉ. स्वप्ना गौतम मेश्राम, एसपी अरविंद प्रताप सिंह, एसडीओ दिलीप कुमार, सदर एसडीपीओ-1 संजय कुमार पांडेय सहित सीआरपीएफ के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इधर डीजी के आगमन को लेकर सीआरपीएफ मुजफ्फरपुर कैंट और स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।
शहीद के आवास पर पहुंचने से पूर्व डीजी को सर्किट हाउस में गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। जहां डीआईजी व एसपी ने उनका स्वागत किया। बता दें कि बीते 10 अक्टूबर को इंस्पेक्टर कौशल किशोर मिश्रा सीआरपीएफ की 60वीं बटालियन के साथ झारखंड के जराईकेला थाना क्षेत्र अंतर्गत समठा और बाबूडेरा जंगलों में नक्सल विरोधी सर्च ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हालत नाजुक होने पर उन्हें एयरलिफ्ट कर पहले राउरकेला, फिर रांची और बाद में दिल्ली एम्स ले जाया गया। 11 अक्टूबर से इलाजरत रहने के बाद 30 अक्टूबर की सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया और वीरगति को प्राप्त हो गये थे। डीजी ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह ने शहीद की वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को नमन करते हुए कहा कि सीआरपीएफ परिवार शहीद के परिजनों के साथ हर परिस्थिति में खड़ा है।
समस्तीपुर पहुंचे सीआरपीएफ के डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जवानों की कड़ी मेहनत, अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के कारण ही आज देश नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। उन्होंने कहा कि शहीद कौशल मिश्र का बलिदान केवल सीआरपीएफ ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। डीजी ने आश्वस्त किया कि सीआरपीएफ आने वाले समय में भी शहीद के परिजनों के साथ निरंतर खड़ी रहेगी और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद स्थानीय विधायक से भी आग्रह किया कि शहीद के परिवार को स्थानीय स्तर पर सभी आवश्यक सुविधाएं और सहायता सुनिश्चित की जाए। अंत में उन्होंने समस्तीपुर की धरती को नमन करते हुए जिले द्वारा देशसेवा में दिए गए योगदान की सराहना की।
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