BRB काॅलेज के प्रणव कश्यप नेशनल राउंड के लिए हुए चयनित, राष्ट्रीय पर्यावरण युवा संसद 2025-26 में अपनी प्रतिभा का किया प्रदर्शन

समस्तीपुर : शहर के बीआरबी कॉलेज के यूजी फोर्थ सेमेस्टर (2023-27) के छात्र प्रणव कश्यप ने राष्ट्रीय पर्यावरण युवा संसद 2025-26 में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए नेशनल राउंड के लिए चयनित 25 छात्रों में अपनी जगह बना ली है। प्रतिभाशाली छात्र प्रणव ने बताया कि स्टूडेंट्स फॉर डेवलपमेंट द्वारा आयोजित चौथी नेशनल एनवायरनमेंट यूथ पार्लियामेंट 2025-26 की जोन-स्तरीय भाषण प्रतियोगिता का सफल समापन हो गया है। इस प्रतियोगिता में जोन 9 के अंतर्गत आने वाले चार राज्यों बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जूरी द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद कुल 25 विजेताओं के नामों की घोषणा की गई है। ये सभी विजेता अब नेशनल एनवायरनमेंट यूथ पार्लियामेंट के फाइनल राउंड (नेशनल लेवल) में अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इस कार्यक्रम की मेजबानी स्टूडेंट्स फॉर डेवलपमेंट द्वारा की गई, जिसका उद्देश्य युवाओं में पर्यावरणीय नेतृत्व और जागरूकता को बढ़ावा देना है। बीआरबी कॉलेज प्रशासन ने उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी है। प्रधानाचार्य ने छात्र को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यह मंच केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उनके विकास और नेतृत्व की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

विदित हो कि राष्ट्रीय पर्यावरण युवा संसद (एनईवाईपी) एक अत्यंत प्रतिष्ठित आयोजन है जो भारत भर से युवा नेताओं, नीति निर्माताओं, पर्यावरणविदों और शिक्षाविदों को एक साथ लाता है। इस मंच का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरणीय न्याय और स्थिरता पर नीति-आधारित चर्चाओं में युवाओं को शामिल करके उन्हें सशक्त बनाना है। स्टूडेंट्स फॉर डेवलपमेंट (एसएफडी) द्वारा पर्यावरण संरक्षण गतिविधि और अन्य पर्यावरण संगठनों के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में पैनल चर्चाएँ, विशेषज्ञों द्वारा संचालित सेमिनार और उच्च स्तरीय वाद-विवाद शामिल थे। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण नीति निर्माण में युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना और नेतृत्व एवं निर्णय लेने के कौशल विकसित करना था, जो भारत के हरित भविष्य को आकार दे सकें।

एनईवाईपी छात्रों को नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए कैसे तैयार करता है :
छात्र नेता मुलायम सिंह यादव बताते है कि इस आयोजन ने छात्रों को नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल विकसित करने में मदद की है। उम्मीदवारों को अपने विचारों को स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ व्यक्त करने का प्रशिक्षण दिया गया, जो भावी नीति निर्माताओं और प्रशासकों के लिए एक आवश्यक गुण है। वहीं इस मंच ने छात्रों को सरकारी अधिकारियों, पर्यावरणविदों और साथी प्रतिभागियों के साथ बातचीत करने की अनुमति दी, जिससे दीर्घकालिक पेशेवर संबंध विकसित हुए। साथ ही रोचक चर्चाओं के माध्यम से, छात्रों ने नीतिगत कमियों का विश्लेषण करना और ठोस समाधान प्रस्तावित करना सीखा, जिससे सिद्धांत और कार्यान्वयन के बीच की खाई को पाटा जा सके। इस मंच ने टीमवर्क को प्रोत्साहित किया, जहां छात्रों ने जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता और सतत विकास पर नीतिगत सिफारिशें तैयार करने के लिए मिलकर काम किया।





