समस्तीपुर : भू-माफियाओं पर जमीन कब्जाने की नीयत से जिंदा व्यक्ति को मृत दिखाकर जमीन हड़पने का आरोप, खुद के जिंदा होने का प्रमाण लेकर DM के पास पहुंचे रिटायर्ड फौजी

समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर प्रखंड से जमीन से जुड़े एक सनसनीखेज मामले ने प्रशासन को सकते में डाल दिया है। यहां कथित तौर पर भू-माफियाओं ने जमीन पर कब्जा जमाने की नीयत से एक पूर्व सैनिक को दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया। पीड़ित पूर्व सैनिक खुद जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा और अपने जीवित होने के साक्ष्य प्रस्तुत कर न्याय की मांग की।
कल्याणपुर थाना क्षेत्र के झखरा गांव निवासी 63 वर्षीय अरुण कुमार ठाकुर, जो भारतीय सेना से वर्ष 2003 में सेवानिवृत्त हुए थे, अपनी बड़ी बहू के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उनकी जमीन हड़पने के लिए वर्ष 2014 में फर्जी तरीके से उनका मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया।

अरुण ठाकुर ने बताया कि उन्हें इस साजिश की जानकारी तब हुई, जब हाल ही में कुछ लोग उनकी खेती योग्य जमीन पर कब्जा करने पहुंच गए। ग्रामीणों से सूचना मिलने पर उन्होंने अपनी बड़ी बहू चिंतामणि को मौके पर भेजा। चिंतामणि सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने दावा किया कि अरुण ठाकुर की मौत कागजों में 11 वर्ष पहले हो चुकी है और इसी आधार पर जमीन पर अधिकार जताया जा रहा है। बाद में एक ग्रामीण ने कथित मृत्यु प्रमाण पत्र की छायाप्रति भी उपलब्ध कराई।

घर लौटने के बाद पूरे मामले की जानकारी मिलने पर अरुण ठाकुर पहले कल्याणपुर अंचल कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला। पंचायत सचिव से संपर्क करने की सलाह दिए जाने के बाद वे सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा को लिखित शिकायत सौंपी।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि भू-माफियाओं ने साजिश के तहत उनके दोनों बेटों को शराब की लत में फंसाया और इसी का फायदा उठाकर वर्ष 2024 और 2025 में उनसे लगभग छह कट्ठा जमीन लिखवा ली। जब तक उन्हें इस पूरे खेल की जानकारी मिली, तब तक कब्जे की कोशिश शुरू हो चुकी थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के उजागर होने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है और राजस्व व प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।





