समस्तीपुर : जिले में पुलिस बल की कमी एक गंभीर चुनौती बनकर उभर रही है। जिले के 35 थानों में स्वीकृत पदों की तुलना में उपलब्ध पुलिस जवानों की संख्या काफी कम है। इससे न सिर्फ रोजमर्रा की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि अपराध नियंत्रण एवं बदमाशों की गिरफ्तारी में भी दिक्कतें सामने आ रही हैं। बीते कुछ महीनों में कई मामलों में देखा गया है कि अपराध स्थल पर पहुंचने वाली पुलिस टीम को अपर्याप्त संख्या के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बल कम होने के कारण पुलिसकर्मियों को जोखिम भरे हालात में काम करना पड़ रहा है। कई बार कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम पर भीड़ के हमले तक हो जाते हैं, जिसमें जवान घायल होने की नौबत आती है। बल की कमी का सीधा असर बदमाशों की गिरफ्तारी पर पड़ रहा है। कई वारदातों में आरोपी खुला घूमते हैं और पुलिस पर्याप्त संख्या न होने से तत्काल दबिश नहीं दे पाती। ग्रामीण क्षेत्रों में छापेमारी के दौरान भी पुलिसकर्मियों को संख्या बल में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
जिले भर की यातायात व्यवस्था संभालने वाला ट्रैफिक थाना तो सबसे अधिक प्रभावित है। थानाध्यक्ष सुनील कांत ने बताया की उन्होंने करीब 40 जवानों की मांग की थी, लेकिन इसके बदले ट्रैफिक थाना को सिर्फ 28 होमगार्ड जवान उपलब्ध कराए गए। इनमें से अब तक सिर्फ 8 होमगार्ड जवानों ने ही ज्वाइन किया हैं। इससे शहर की यातायात व्यवस्था संभालना और सड़क हादसों को रोकना काफी मुश्किल हो रहा है। अभी ट्रैफिक थाने में मात्र 5 सिपाही है। इसके अलावे जिले के अन्य थानों में भी सिपाहियों की भारी कमी है।
पुलिस बल की कमी के चलते जब पुलिस किसी घटना या गिरफ्तारी के लिए पहुंचती है, तो कई बार भीड़ पुलिस पर हावी हो जाती है। विरोध या तनावपूर्ण माहौल के दौरान अपर्याप्त बल के कारण पुलिसकर्मियों को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। कई मामलों में बदमाश भी संख्या बल कम देखकर पुलिस को निशाना बनाने से पीछे नहीं हटते। लगातार बढ़ रहे अपराध और पुलिस पर बढ़ते दबाव को देखते हुए आम लोगों में भी चिंता बढ़ी है। स्थानीय लोग पुलिस प्रशासन से स्वीकृत पदों के अनुरूप जवानों की तैनाती जल्द सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं ताकि अपराध नियंत्रण और गश्ती व्यवस्था मजबूत की जा सके।
हाल ही है मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के मोरवा रायटोला में पुलिस टीम पर हमला हुआ था जिसमें एक एएसआई यदुवंश सिंह घायल हो गये थेह मोरवा रायटोला की घटना कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले अक्टूबर महीने में हलई थाना क्षेत्र के दरबा पंचायत में भी एक आरोपी को गिरफ्तार करने के दौरान पुलिस टीम पर हमला हुआ था। इसमें एसआई नितुन कुमार व सुजीत कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस दौरान भीड़ ने पुलिसकर्मियों से हथियार छीनने का भी प्रयास किया था। इसके अलावे मुफस्सिल, विभूतिपुर, वारिसनगर, रोसड़ा समेत अन्य थाना क्षेत्रों में भी पुलिस टीम पर हमला की बात सामनें आ चुकी है।
पुलिस लाइन से मिली जानकारी के अनुसार अभी जिले में करीब 1600 बल है। यह बल अलग-अलग थानों समेत रक्षित कार्यालय में है। वहीं जिले में 529 होमगार्ड तैनात हैं जो ट्रैफिक व्यवस्था से लेकर थानों व अधिकारियों के आवास व कार्यालयों में तैनात हैं। जल्द ही समस्तीपुर जिले में 507 महिला व पुरूष सिपाही मिलेंगे जो अभी अलग-अलग जिलों में ट्रेनिंग कर रहे है। इसमें से 243 पुरुष सिपाहियों की ट्रेनिंग सहरसा में व 264 महिला साकी ट्रेनिंग बीएमपी मुजफ्फरपुर में चल रही है।
इसके अलावे 731 होमगार्ड जवान भी मिलेंगे जिनकी ट्रेनिंग अलग-अलग जिलों में चल रही है। इसमें होमगार्ड जवानों को ट्रेनिंग के लिए खगड़िया, भोजपुर व बेगूसराय भेजा गया है। इसमें 257 महिला होमगार्ड शामिल है जिन्हें खगड़िया ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। इस संबंध में लाइन डीएसपी नरेंद्र शर्मा ने बताया कि जिले में अभी जवानों की कमी है। अगले वर्ष सभी सिपाही व होमगार्ड जवान ट्रेनिंग कर लौट आएंगे तो जिले में पर्याप्त बल होंगे।
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