चुनाव समाप्त होने के बाद लंबित कांडों के उद्भेदन में जुटी समस्तीपुर पुलिस, 10 से 15 बदमाशों के मुख्य गिरोह चिन्हित

समस्तीपुर : विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद पूरे जिले में अपराध पर नियंत्रण और आपराधिक गतिविधियों पर कड़ी निगरानी के लिए चलाये जा रहे अभियान को निरंतर जारी रखने का निर्देश एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने दिया है। इसको लेकर एसपी ने सभी एसडीपीओ, डीएसपी व थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है। एसपी ने कहा कि चुनावी ड्यूटी के बाद अब पुलिस की प्राथमिकता जिले में सक्रिय उन आपराधिक गिरोहों को पूरी तरह निष्क्रिय करना है, जो संगठित तरीके से वाहन चोरी, गृहभेदन, मोबाइल स्नैचिंग और लूट जैसी घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में 10 से 15 प्रमुख आपराधिक गिरोह चिह्नित हैं, जिनके सदस्यों का आपराधिक रिकॉर्ड भी लंबा है। थाना स्तर पर ऐसे गिरोहों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए, उनके मूवमेंट की सतत मॉनिटरिंग हो तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसी दौरान एसपी ने शराब माफियाओं पर एक बार फिर सख्त रुख अपनाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान जिन शराब माफियाओं पर सीसीए लगाया गया था, उस कार्रवाई को किसी भी हाल में ढीला न पड़ने दिया जाए। साथ ही गंभीर शराब कारोबारियों की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया को तेज करते हुए और भी सक्रिय शराब तस्करों को चिन्हित कर उनकी सूची तैयार की जाए, ताकि अवैध शराब के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
एसपी ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि सिर्फ केस दर्ज करना या चार्जशीट दाखिल कर देना काम का अंत नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ट्रायल, मॉनिटरिंग और चार्जशीट के बाद भी पुलिस हर केस को निरंतर फॉलो करे, ताकि अदालत में मजबूत पैरवी हो और अपराधियों को सजा मिल सके। उन्होंने कहा कि कई मामलों में पुलिस की सक्रिय फॉलो-अप कार्रवाई से ही केस लॉजिकल कंक्लूजन तक पहुंच पाता है। एसपी के इन निर्देशों के बाद जिले में अपराध नियंत्रण के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है। थानों को क्षेत्रवार सूची बनाकर सक्रिय बदमाशों, शराब माफियाओं और संदिग्ध तत्वों के मूवमेंट पर निगरानी रखने और आवश्यक होने पर त्वरित छापेमारी करने को कहा गया है।

अब कांडों के उद्भेदन और गिरफ्तारी में जुटेगी पुलिस :
जिले में शांतिपूर्ण माहौल में विधानसभा चुनाव संपन्न कराने के बाद अब पुलिस प्रशासन लंबित आपराधिक मामलों के उद्भेदन में पूरी गंभीरता से लग गया है। चुनावी व्यस्तताओं के चलते कई महत्वपूर्ण मामलों के खुलासे की रफ्तार धीमी थी, लेकिन अब पुलिस ने समीक्षा कर सभी गंभीर कांडों को प्राथमिकता सूची में शामिल किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या, फायरिंग, छिनतई समेत अन्य संगीन वारदातों में शामिल अपराधियों की पहचान पहले से ही हो चुकी है। इनमें से कई आरोपित फरार चल रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन कर छापेमारी तेज कर दी गई है।

एसपी के निर्देश पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों को अपने-अपने लंबित कांडों की अद्यतन स्थिति साझा करने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। एसपी ने बताया कि चुनाव समाप्त होने के बाद अब पुलिस बल को अपराध नियंत्रण और मामलों के वैज्ञानिक तरीके से उद्भेदन पर केंद्रित किया गया है। कई कांड ऐसे हैं जिनका खुलासा अब तक नहीं हो सका था। इन मामलों को तेजी से सुलझाने के लिए तकनीकी सेल, सर्विलांस टीम और स्थानीय खबरी तंत्र को सक्रिय किया गया है। उनका कहना है कि अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। जिले में बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए फरार आरोपितों की गिरफ्तारी और लंबित कांडों के निष्पादन को शीर्ष प्राथमिकता दी गई है। आने वाले दिनों में पुलिस कई मामलों के खुलासे और गिरफ्तारी करेगी।

बयान :
चुनाव बाद अब पुलिस की प्राथमिकता सक्रिय आपराधिक गिरोहों को खत्म करना, शराब माफियाओं पर सख्त कार्रवाई जारी रखना और सभी लंबित कांडों का त्वरित उद्भेदन सुनिश्चित करना है। जिले के 10 से 15 बदमाशों के गिरोहों को चिन्हित किया गया है, उनपर भी नजर रखी जा रही है।
अरविंद प्रताप सिंह, एसपी समस्तीपुर



