समस्तीपुर डीएम की अध्यक्षता में पोषण अभियान की समीक्षा, विभागों को मिले कड़े निर्देश

समस्तीपुर : जिला समाहरणालय सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पोषण अभियान अन्तर्गत जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पोषण माह के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान डीएम ने विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पोषण अभियान को जनआंदोलन का रूप देते हुए लोगों के दैनिक व्यवहार में बदलाव लाना जरूरी है।
बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस, जिला शिक्षा पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी, सिविल सर्जन, कृषि पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, डीपीएम जीविका, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी तथा पिरामल स्वास्थ्य के प्रतिनिधि मौजूद थे।

डीएम ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से पोषण अभियान की वर्तमान स्थिति साझा करते हुए बताया कि अभियान का मुख्य लक्ष्य 0-6 वर्ष के बच्चों में नाटापन, कम वजन और अल्प पोषण को हर वर्ष 2 प्रतिशत की दर से कम करना है। वहीं 0-6 माह से 59 माह के बच्चों तथा 15-49 वर्ष की किशोरियों व महिलाओं में एनीमिया को हर वर्ष 3 प्रतिशत की दर से घटाना लक्ष्य है।
उन्होंने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें एनआरसी में रेफर करने हेतु अभियान चलाया जाए। साथ ही, पोषण ट्रैकर पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर सभी गतिविधियों की समीक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

डीएम ने जन आंदोलन डैशबोर्ड पर गतिविधियों की प्रविष्टि को अनिवार्य बताते हुए कहा कि 17 सितम्बर से 16 अक्टूबर 2025 तक पोषण माह के अंतर्गत होने वाली सभी गतिविधियों को अपलोड करना होगा। सभी विभागों को अपने-अपने स्तर से प्रतिदिन गतिविधियों की एंट्री सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को लेकर भी चर्चा हुई। डीएम ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को योग्य लाभुकों को योजना का लाभ उपलब्ध कराने और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया।






