समस्तीपुर के बासुदेवपुर से दरभंगा के दिलाही तक 23.95 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। परियोजना के पूरा होने के बाद अगले पाँच वर्षों तक इसके रख-रखाव का काम भी किया जाएगा। इस सड़क के बेहतर होने से न सिर्फ जाम से मुक्ति मिलेगी बल्कि व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। स्थानीय उद्योगों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने वाली यह परियोजना उत्तर बिहार के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।
यह परियोजना समस्तीपुर और दरभंगा दोनों जिलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन जिलों के बीच आवागमन की रफ्तार और सुगमता ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि राज्य की राजधानी पटना से भी बेहतर कनेक्टिविटी संभव होगी। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सहयोग से यह परियोजना धरातल पर उतरेगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए हर संभव सहयोग करेगी।
परियोजना में पाँच मौजूदा बड़े पुल वैसे ही रहेंगे, लेकिन जटमलपुर में 150 मीटर लंबा एक नया वृहद पुल बनाया जाएगा। साथ ही, एक मौजूदा छोटे पुल को बरकरार रखते हुए तीन नए छोटे पुल जटमलपुर, बिशुनपुर और दिलाही में बनाए जाएंगे। कुल 27 बॉक्स कल्वर्ट का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें 19 पहले से मौजूद हैं और आठ नए बनाए जाएंगे। सभी कल्वर्ट का आकार 2×2 मीटर होगा। यह तकनीकी सुधार सड़क की मजबूती और जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।
इस परियोजना के अंतर्गत कुल 4.2 किलोमीटर का री-एलाइन्मेंट किया जाएगा। गोपालपुर, कल्याणपुर, जटमलपुर और बिशुनपुर चौक के पास यह काम होगा ताकि तीखे मोड़ों की समस्या से छुटकारा मिल सके और सड़क पर दुर्घटनाओं की आशंका कम हो।इसके अलावा, बस लेन, क्रैश बैरियर, ट्रैफिक साइन, शहरी जंक्शन सुधार और रोड सेफ्टी फीचर्स को प्राथमिकता दी गई है। भू-अर्जन की जरूरत केवल जामिति सुधार वाले इलाकों में होगी, इसलिए परियोजना में भूमि अधिग्रहण की जटिलताओं की संभावना न के बराबर है।
दरभंगा और समस्तीपुर के बीच सड़क की मौजूदा स्थिति अक्सर यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनती है। भारी वाहनों और स्थानीय यातायात के कारण अक्सर लंबा जाम लगता है। इस परियोजना के पूरा होने पर न सिर्फ यात्रियों को राहत मिलेगी बल्कि सामानों की ढुलाई भी तेज और सुरक्षित हो सकेगी। यह सीधा असर व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ेगा। औद्योगिक इकाइयों को बाजार तक आसानी से पहुंच बनाने में मदद मिलेगी और स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा।
सड़क का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण निर्माण के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करेगा। इसके साथ ही, सड़क तैयार हो जाने पर आसपास के उद्योग और व्यापारिक गतिविधियां भी फलेंगी-फूलेंगी। इससे छोटे कारोबारियों से लेकर बड़े उद्यमों तक को लाभ होगा। ग्रामीण इलाकों से शहरों तक पहुंचना आसान होगा और कृषि उत्पादों की सप्लाई भी तेजी से हो सकेगी।
राज्य सरकार ने सुदूर इलाकों को राजधानी पटना से चार घंटे में जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इस दृष्टि से एनएच-322 का चौड़ीकरण बड़ी उपलब्धि साबित होगा। बेहतर सड़क नेटवर्क न सिर्फ लोगों के आने-जाने को सरल बनाएगा बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को भी नई दिशा देगा। दरभंगा की मिथिला संस्कृति और समस्तीपुर के औद्योगिक महत्व को देशभर में जोड़ने वाली यह परियोजना उत्तर बिहार के लिए विकास का नया द्वार खोलेगी।
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