समस्तीपुर ट्रैफिक पुलिस को हाइटेक बनाने की कवायद तेज, जवानों को मिलने वाले हैं बॉडी वार्न कैमरे, करीब 50 कैमरे मुख्यालय ने भेजे

समस्तीपुर : जिले की ट्रैफिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में पहल शुरू हो चुकी है। ट्रैफिक पुलिस पदाधिकारी के साथ-साथ वाहन चेकिंग में प्रतिनियुक्ति किए गए पुलिस पदाधिकारियों को भी हाईटेक किया जा रहा है। वाहन जांच में लगे पुलिसकर्मियों को अब हाईटेक उपकरणों से लैस किया जा रहा है। इसी क्रम में बिहार पुलिस मुख्यालय से समस्तीपुर जिले को करीब 50 बॉडी वार्न कैमरे उपलब्ध कराए गए हैं।
इन कैमरों की सहायता से पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के दौरान की गतिविधियों और आम लोगों के साथ हुई बातचीत को रिकॉर्ड किया जा सकेगा। ये कैमरे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की वर्दी पर लगाए जाएंगे। इससे ट्रैफिक ड्यूटी के दौरान पुलिस की कार्यशैली में पारदर्शिता आएगी और किसी भी प्रकार की अनबन या विवाद की स्थिति में सटीक साक्ष्य उपलब्ध रहेगा। यह कदम कानून व्यवस्था को मजबूत करने और आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने की दिशा में भी सहायक सिद्ध होगा।

इन बॉडी वॉर्न कैमरों से ई-चालान भी निर्गत किया जा सकेगा। इसके साथ ही ट्रैफिक कार्य की लाइव मॉनिटरिंग भी की जा सकेगी। इसके लिए बॉडी वॉर्न कैमरों को लाइसेंस प्लेट रिकॉग्निशन सिस्टम से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस नए सिस्टम से जुड़ते ही इन बॉडी वॉर्न कैमरों से कैद होने वाली वीडियो या फोटो से भी ई-चालान काटा जा सकेगा। साथ ही इन बॉडी वॉर्न कैमरों से ट्रैफिक कार्य की लाइव मॉनिटरिंग भी का जाएगी।

सभी ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को इन कैमरों को ड्यूटी के दौरान लगातार चालू रखना अनिवार्य है। इन कैमरों के लाइव फुटेज की मॉनिटरिंग के लिए डैशबोर्ड भी बनाए जा रहे हैं, जहां से पदाधिकारी आनलाइन नजर रख सकेंगे। ट्रैफिक कार्यो में लगे पुलिसकर्मियों को बॉडी वॉर्न कैमरे देने का उद्देश्य चालान व्यवस्था में पारदर्शिता लाना भी है। अगर कोई व्यक्ति संबंधित ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर किसी तरह का आरोप लगाता है, तो उस ट्रैफिक पुलिसकर्मी के बॉडी वॉर्न कैमरे की रिकार्डिंग खंगाली जाएगी।

इन बॉडी वार्न कैमरों को न केवल यातायात पुलिस पदाधिकारियों को, बल्कि वाहन चेकिंग में प्रतिनियुक्त अन्य पुलिस पदाधिकारियों एवं सिपाहियों को भी प्रदान किया जाएगा। ड्यूटी के क्रम में पुलिस पदाधिकारी और यातायात पुलिस के कर्मियों पर स्थानीय लोगों के द्वारा तरह-तरह का आरोप लगाया जाता था। मगर आरोप गलत रहने के बावजूद भी साक्ष्य के अभाव में पुलिस अपना पक्ष नहीं रख पाते थे, लेकिन अब ड्यूटी करने वाले पुलिस पदाधिकारी में खास कर थाना में तैनात ऐसे पुलिस पदाधिकारी जो वाहन चेकिंग ड्यूटी में लगेंगे वह अब ड्यूटी बॉडी वार्न कैमरा के साथ करेंगे ताकि उनके ड्यूटी अवधि में आम लोगों के द्वारा की गई बातचीत और चेकिंग के क्रम में वसूली गई जुर्माना का रिकॉर्डिंग किया जा सके। अगर इस दौरान बॉडी वॉर्न कैमरा बंद मिला तो ट्रैफिक पुलिसकर्मी को दोषी मानकर कार्रवाई की जाएगी।




