समस्तीपुर में पोस्टमॉर्टम रूम के बाहर तंत्र-मंत्र से मुर्दा को जिंदा करने की कोशिश, तांत्रिक ने कहा- डॉक्टर पानी नहीं चढ़ाते तो बचा लेते

समस्तीपुर : समस्तीपुर सदर अस्पताल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामनें आया है। बताया गया है कि एक 15 वर्षीय किशोर की सांप काटने से मौत हो गई। परिजन एवं पुलिस के द्वारा मृत किशोर के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया। लेकिन सदर अस्पताल में हेलमेट पहनकर एक भगत पहुंचा और मृत किशोर को जिंदा करने का दावा करने लगा, एवं किशोर के शव के सामनें घंटों तंत्र-मंत्र पढ़कर झाड़ फुंक करने लगा।
इतना ही नहीं गमछा का कोड़ा बनाकर मृत किशोर के शरीर पर चलाता रहा, लेकिन किशोर जिंदा नहीं हुआ। भगत अखिलेश कुमार राय कभी बच्चे की छाती पर हाथ रखकर उसके धड़कन को महसूस करता, तो कभी उसकी नब्ज टटोलता। इस दौरान उसका एक साथी लगातार झामन के पैरों के तलवे की मालिश करता रहा। वहीं इस नजारे को देखने के लिए पोस्टमार्टम में आए दर्जनों लोगों की भीड़ वहां जमा हो गयी।

इधर मृत किशोर के जिंदा होने का सपना देखकर परिजन किशोर के शव पर टकटकी लगाए रखें। लेकिन अंत: किशोर जिंदा नहीं हुआ। आखिर में करीब 30 मिनट बाद जब झामन ठीक नहीं हुआ तो भगत (तांत्रिक) अखिलेश कुमार ने बच्चे के परिजन और भीड़ के सामने हाथ जोड़े और कहा कि, मुझे माफ कीजिए। मैं बच्चे को नहीं बचा पाया। भगत ने बताया कि, बच्चे की मौत को समय हो चुका है। सुबह चार से पांच बजे के करीब उसकी मौत हुई है। उसे स्लाइन चढ़ाया गया था। अगर पानी नहीं चढ़ाया गया होता, तो मैं बच्चे की जान बचा लेता।

इधर मृत किशोर की पहचान मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के राजा जान के रहने वाले रंजीत पासवान के 15 वर्षीय पुत्र झामन कुमार के रूप में की गई है। मृत किशोर दो भाई एवं एक बहन है। मृतक के पिता गांव में ही मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते हैं। बताया गया है कि रविवार के रात्रि में सोए हुए हालात में किशोर को सांप काट लिया था। इलाज के लिए दलसिंहसराय ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। मौत होने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मृत किशोर के शव पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया था। मोहिउद्दीन नगर इलाके के रहने वाले भगत अखिलेश राय से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वह अपने तंत्र-मंत्र एवं कोड़ा चलाकर किशोर को घंटे जिंदा करने का प्रयास किया लेकिन किशोर जिंदा नहीं हुआ। उसने बताया कि अब तक वह सैकड़ो लोगों का जान बचाया है।

वहीं सदर अस्पताल के इमर्जेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर पीडी शर्मा से जानकारी प्राप्त की गई तो उन्होंने बताया कि जिसकी मौत हो चुकी हो, उसे जिंदा करना संभव नहीं है। थक-हारकर परिजन मृत किशोर के शव को पोस्टमार्टम हाउस में लेकर गए। जहां डॉक्टर टीम के द्वारा मृत किशोर का पोस्टमार्टम किया गया और इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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