कांग्रेस का हाथ छोड़कर JDU का हाथ थामने वाले डॉ. अशोक कुमार रोसड़ा व सिंघिया से 6 बार रह चुके है विधायक, पिता भी इंदिरा गांधी के मंत्रिमंडल में थे शामिल

समस्तीपुर : रोसड़ा व सिंघिया विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधायक रह चुके कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. अशोक कुमार ने रविवार को जदयू पार्टी कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में पार्टी का दामन थाम लिया। इसको लेकर राजनीतिक गलियारे में नई चर्चाएं तेज हो गई हैं। चर्चाएं जारी है कि डॉ. अशोक कुशेश्वरस्थान विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। डॉ. अशोक कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में शुमार रहे हैं। वे पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व भी संभाल चुके हैं।
वर्ष 1985 में पहली बार सिंघिया (सु) विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। इसके बाद लगातार पांच बार सिंघिया क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। 2015 में परिसीमन के बाद सिंघिया विधानसभा क्षेत्र के विलय के पश्चात वे रोसड़ा (सु) विधानसभा से विधायक बने। इसके अलावा डॉ. अशोक ने समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र से भी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। पिछली बार लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया, जिसके बाद से उनके नाराज होने की चर्चाएं रहीं। इस बीच उनके पुत्र अतिरेक ने जदयू का दामन थाम लिया था। अब डॉ. अशोक के जदयू में जाने की खबरों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।

बता दें कि डॉ. अशोक कुमार के पिता स्व. बालेश्वर राम भी पांच बार विधायक रहे और बिहार सरकार में मंत्री पद को भी सुशोभित किया। 1980 में स्व. बालेश्वर राम रोसड़ा लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के मंत्रिमंडल में केंद्रीय राज्य मंत्री बने। डॉ. अशोक कुमार के जदयू में शामिल होने पर उन्हें स्थानीय पार्टी कार्यकताओं ने बधाई दी है।
जदयू Join करने के बाद डॉ. अशोक कुमार ने क्या कहा, देखें वीडियो :
"आज बिहार को नीतीश कुमार की पहले से भी अधिक जरूरत.." JDU में शामिल होकर डॉ. अशोक राम का बयान, 6 बार रह चुके हैं विधायक pic.twitter.com/NwSTEaW0kp
— Samastipur Town (@samastipurtown) August 3, 2025






