समस्तीपुर जिले के 12 थानों में 4 करोड़ 30 लाख रूपये की लागत से बन रहा है महिला बैरक

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समस्तीपुर [अविनाश राय] : पुलिस बल में एक चौथाई से अधिक महिलाओं के आवासन की समस्या जल्द दूर होगी। सरकार की स्वीकृति व फंड मिलने के बाद बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के द्वारा एक तरफ जहां पुलिस लाइन में 200 बेड का बैरक बन रहा है, वहीं जिले के 12 अलग-अलग थानों में भी 4 करोड़ 30 लाख 39 हजार 176 रूपये की लागत से महिला पुलिसकर्मियों के लिए बैरक का निर्माण शुरू कर दिया है। इसमें 10 थानों में 20-20 बेड का, वहीं 2 थानों में 10-10 बेड का बैरक निर्माण कराया जा रहा है।
20 बेड वाले प्रति बैरक के निर्माण के लिए 38 लाख 35 हजारों 452 रूपये व 10 बेड वाले प्रति बैरक के निर्माण के लिए 23 लाख 42 हजार 328 रूपये की राशि जारी की गयी है। बताया गया है कि नगर थाना में 20 बेड, पूसा थाना में 20 बेड, खानपुर थाना में 20 बेड, सरायरंजन थाना में 20 बेड, रोसड़ा थाना में 20 बेड, बिथान थाना में 20 बेड, वारिसनगर थाना में 20 बेड, ताजपुर थाना में 20 बेड, कल्याणपुर थाना में 20 बेड, दलसिंहसराय थाना में 20 बेड, बंगरा थाना में 10 बेड व चकमेसी थाना में 10 बेड का महिला बैरक निर्माणाधीन है, जिसका काम चल रहा है। इसमें महिला सिपाहियों के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं होगी।

बता दें कि महिला पुलिसकर्मियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। महिलाओं के लिए बैरक निर्माण की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही थी। लेकिन आवास की कमी के कारण वे कई प्रकार की समस्याओं का सामना कर रही थीं। महिला पुलिस बैरकों के निर्माण से महिला पुलिसकर्मियों को बेहतर रहने की सुविधा मिलेगी। महिला पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी अधिक कुशलता से कर पाएंगी। महिलाओं की सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुविधाओं में सुधार होगा।

जिले भर में 357 महिला सिपाही है कार्यरत :
बता दें कि जिले भर में 357 महिला सिपाही कार्यरत है। जिला मुख्यालय से लेकर दूर-दराज के थानों में पदस्थापित महिला सिपाहियों को आवासन को लेकर काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकांश प्रखंड स्तर के थानों में महिला सिपाहियों के अलग से बैरक की सुविधा उपलब्ध नहीं है। महिला सिपाहियों को थाना परिसर से बाहर निजी स्तर पर किराए पर कमरा लेकर रहना पड़ रहा है। ऐसे में वह असुरक्षित भी महसूस करती है।

जिले के एक थाना में पदस्थापित महिला सिपाही ने बताया कि उनके साथ सबसे बड़ी समस्या हथियार के सुरक्षा की होती है। स्वयं से भी अधिक हथियार के सुरक्षा का रखना होता है। ऐसे में निजी किराए के मकान में रहना काफी असुरक्षित लगता रहता है। हालांकि अनुमंडल व प्रखंड मुख्यालय स्तर का वैसा थाना जहां हाल के वर्षों में नए भवन का निर्माण कराया गया है, उन थाना भवनों में आवासन के किए बैरक की सुविधा तो उपलब्ध है। लेकिन एक ही तल पर महिला व पुरुष पुलिसबल का बैरक मौजूद रहने के कारण महिला सिपाही काफी असहज महसूस किया करती है।

महिला सिपाही ने बताया कि अधिकांश थाना भवनों में एक ही तल पर महिला व पुरुषबल का बैरक अवस्थित है। हथियार की सुरक्षा व अन्य कई कारणों से पुलिसबलों को थाना परिसर में आवासन रखने की मजबूरी होती है। एक ही तल पर पुरुषबल व महिलाबल का आवासन रहने को लेकर कभी-कभी अहसज भी लगता है। लेकिन अब जिले भर के 12 अलग-अलग थानों में अलग से महिला बैरक का निर्माण कार्य जारी है जिससे आने वाला समय में महिलाओं सिपाहियों को काफी राहत महसूस होगी।
बाइट :
पहले फेज में जिले भर के 12 अलग-अलग थानों में महिला बैरक का निर्माण कार्य जारी है। बैरक में आवासन की सुविधा मिलने के बाद महिला पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी अधिक कुशलता से कर पाएंगी। महिलाओं की सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुविधाओं में सुधार होगा। अगले फेज में मुख्यालय से निर्देश मिलते ही बचे हुए थानों में भी महिला बैरक का निर्माण कराया जाएगा।
– अशोक मिश्रा, एसपी, समस्तीपुर




