समस्तीपुर : जिला शिक्षा कार्यालय में मध्याह्न भोजन योजना में पिछले दो सालों से कार्यरत 20 डाटा इंट्री ऑपरेटर सह बीआरपी (प्रखंड साधन सेवी) को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। बर्खास्ती आदेश पहली अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. सिद्धार्थ कुमार के आदेश पर मध्याह्न भोजन योजना, बिहार, पटना के निदेशक ने डीपीओ, एमडीएम को निर्देशित किया गया है, कि इन कर्मियों से एक अप्रैल 2025 से सेवा नहीं लेंगे।
इस दौरान, बर्खास्तगी से पहले ही दो डाटा इंट्री ऑपरेटरों ने अपने पद से त्याग पत्र दे दिया। ये सभी लोग विभिन्न प्रखंडों में सेवा दे रहे हैं। समय पर वेतन नहीं मिलने व कार्य के बोझ से ये लोग परेशान हैं। मध्याह्न भोजन योजना बिहार, पटना के आदेश पर बर्खास्तगी का आदेश जारी किया गया है। आदेश जारी होने के बाद से इन कर्मियों में खलबली मची हुई है। उनके बीच बौखलाहट है।
अपने खिलाफ इस कठोर कार्रवाई को उन्होंने अवैध करा देते हुए विभाग के खिलाफ वे लोग सड़क पर उतरने की तैयारी में लग गए हैं। उनका कहना है कि इस आदेश को वे लोग हाईकोर्ट में भी चुनौती देंगे। डाटा इंट्री ऑपरेटरों सह बीआरपी (एमडीएम ) ने कहा कि विभाग ने उनके हितों के साथ बड़ा खिलवाड़ किया है। उनके साथ मनमानी व धांधली की गई है। उनके पेट पर लात मारा गया है।
मनमानी व धांधली का आलम यह है कि बर्खास्ती से पहले उनका बकाया पांच महीने का मानदेय राशि का भुगतान भी नहीं किया गया। और तो और, जितने दिनों के लिए उनलोगों को नियुक्ति पत्र दिया गया था, उस समय सीमा से बहुत पहले ही सेवा मुक्त कर दिया गया। इस दौरान, उनलोगों ने निदेशक, मध्याह्न भोजन योजना बिहार, पटना को अनुरोध पत्र भेजा है जिसमें कहा है कि मध्याह्न भोजन योजना, शिक्षा विभाग के अंतर्गत सेवा प्रदाता मे. किंग सिक्युरिटी गार्ड प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा इस जिले में कार्यरत हैं।
उन सभी का अक्टूबर 2024 से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इसी बीच, उन लोगों को सेवा मुक्त भी कर दिया गया। वे लोग जिला व प्रखंड स्तरीय कार्य का निष्पादन ससमय करते हैं। उन सभी का अनुपस्थिति विवरणी निदेशालय व सेवा प्रदाता को समय पर उपलब्ध कराया जाता है। सेवा प्रदाता के द्वारा भी समय पर बिल उपलब्ध कराया रहा है। परंतु राशि का आवंटन नहीं रहने के कारण भुगतान नहीं हो रहा है। वे सभी कर्मी अल्प वेतन भोगी हैं।
जिससे सभी को जीवन यापन करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस दौरान, एमडीएम के डीपीओ सुमित कुमार सौरभ का कहना है कि विभाग के आदेश पर यह निर्णय लिया गया है। एक अप्रैल 2025 से इनकी सेवा समाप्त मानी जाएगी। मार्च महीने तक इनसे काम लिया जाएगा। बिथान से मो. आरिफ व रोसड़ा से मो. शमशेर ने त्याग पत्र दे दिया। इन कर्मियों की बहाली एक आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिये एसीएस केके पाठक के समय में हुई थी।
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