समस्तीपुर :- आईसा जिला अध्यक्ष लोकेश राज, एसएफआई जिला अध्यक्ष नीलकमल कुमार, एआईएसएफ सुधीर कुमार, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अभिनव अंशु ने संयुक्त रूप से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री के समस्तीपुर प्रगति यात्रा पर आगमन दौरान 70वीं बीपीएससी पीटी परीक्षा पुनः आयोजित करने व डोमिसाइल नीति लागू करने समेत अन्य मांगों को लेकर आइसा- एसएफआई- एआईएसएफ- एनएसयूआई नेताओं ने मुख्यमंत्री से मिल अपनी बात रखने की मांग कर रहे थे। लेकिन मिलने के बजाय छात्रों एवं छात्र नेताओं को घसीट कर थाने में बंद कर दी गई।
वहीं उसी दिन देर शाम जमानत पर रिहा किया गया। उसके बाद जिला प्रशासन द्वारा लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर यातायात बाधित करने व सरकारी काम में बाधा का हास्यात्मक कहानी बना कर छात्रों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है। जबकि मुख्यमंत्री के आगमन से प्रशासन ही रास्ता अवरुद्ध रखी है। इससे आम पब्लिक का लाखों का नुकसान हुआ और लोगों को अपने गंतव्य तक जाने में तकलीफ हुई।
आईसा जिला सचिव सह मोर्चा के संयोजक सुनील कुमार सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन छात्रों पर प्राथमिकी दर्ज कर आंदोलन को दावा नहीं सकती है। लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है। अपने सरकार से छात्र हितों के सवालों को रखने और इससे सुनना चाहिए था। मुख्यमंत्री आम जनता से ही बात सुनने आये थे। लेकिन इन छात्रों को पुलिस को यातनाएं सहना पड़ा प्राथमिकी झेलना पड़ा है।
जिला प्रशासन को छात्रों पर से लोकतांत्रिक मूल्यों के तहद प्राथमिकी वापस लेनी चाहिए। एसएफआई जिला सचिव छोटू भारद्वाज, एआईएसएफ जिला सचिव गौरव कुमार, एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष राजन वर्मा ने कहा कि अगर छात्राओं पर से प्रशासन मुकदमा वापस नहीं लेती और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार दबाने की प्रयास करती है तो छात्र-युवा एकताबद्ध हो कर जनांदोलन चलने को बाध्य होगी।
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