समस्तीपुर जिले के सभी क्षेत्रों में एक साथ धान रोपनी शुरू होने के बाद मजदूरों की हो रही किल्लत, किसान परेशान

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समस्तीपुर :- समस्तीपुर जिले में धान की रोपनी करने में किसान तेजी दिखा रहे हैं। हालांकि एक साथ पूरे जिले में रोपनी शुरू होने से किसानों को कम संख्या में रोपनी के लिए मजदूर मिल रहे हैं। मजदूरों की एकाएक मांग बढ़ने से किसानों को मजदूर ढूंढने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरी समस्या के चलते कई किसान अपने पारिवार के सदस्यों के साथ रोपाई में जुटे हुए हैं। कोई ठेका में तो कोई अधिक मजदूरी देकर धान की रोपाई करने विवश है। किसानों ने बताया कि कृषि कार्य में तमाम तरह के कृषि उपकरण आने के बाद भी कई ऐसे कार्य हैं, जो बिना मजदूर के संभव नहीं है।
धान की नर्सरी से बीज उखाड़ने से लेकर रोपाई के लिए मजदूरों की आवश्यकता पड़ती ही है। इसलिए कृषि कार्य में मजदूरों की उपयोगिता बनी हुई है। अगर समय पर मजदूर न मिले तो किसानी पिछड़ जाती है। उत्पादन पर भी असर पड़ता है। किसानों ने बताया कि 15 मजदूर खोजने पर किसी तरह से आठ दस मजदूर मिल रहे हें। उनका कहना है कि मजदूर तो ठेका लेकर रोपनी कर रहे हैं।

रोपनी के लिए मजदूरी कह्वा पर तय कर रहे हैं। एक मजदूर एक दिन रोपनी करने के लिए चार से पांच सौ रुपये की मांग कर रहा है। आद्र्रा नक्षत्र में इस बार किसान 33.13 धान की रोपनी कर चुके हैं। कृषि विभाग जिले में इस बार 89 हजार हेक्टेयर में धान के आच्छादन का लक्ष्य तय किया है। 30 जून के दोपहर मानसून की बारिश शुरू हुई थी। पहली जुलाई से किसानों ने रोपनी शुरू की। कृषि विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार जिले के किसान अब तक 32752.74 हेक्टेयर धान की रोपनी कर चुके हैं।

2023 की आद्र्रा नक्षत्र की रोपनी से 19 अधिक है। रोपनी की जारी रिपोर्ट के अनुसार मोरवा में 1575.6 हेक्टेयर, सिंघीया में 789.75 हेक्टेयर, बिथान में 1775.67 हेक्टेयर, रोसडा में 1167.43 हेक्टेयर, पूसा में 727.76 हेक्टेयर, समस्तीपुर में 1578.65 हेक्टेयर, ताजपुर में 1989.79 हेक्टेयर, हसनपुर में 2998.75 हेक्टेयर, शिवाजीनगर में 1545.37 हेक्टेयर, विद्यापति में 1589.78 हेक्टेयर धान की रोपनी हुई है।






