13 साल में भी नहीं बन पाया CM का ड्रीम प्रोजेक्ट बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा महासेतु, समस्तीपुर के लोगों में आक्रोश

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समस्तीपुर/पटोरी :- गंगा के दक्षिण पटना जिले के बख्तियारपुर और उत्तर दिशा में स्थित समस्तीपुर जिले को जोड़ने वाले बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा महासेतु का निर्माण 13 वर्षों में पूरा नहीं हो सका है। वर्ष 2011 में इस महासेतु की आधारशिला रखी गई थी। इसका निर्माण कार्य 2016 में ही पूरा करने का लक्ष्य था परंतु 13 वर्ष पूरे होने के बावजूद महासेतु का निर्माण कार्य मात्र 50% ही हो सका है।
पुल के कुछ पिलरों का कुछ हिस्सा निर्माणाधीन है। पुल के कई बड़े हिस्से में पिलर पर स्पैन लगा दिया गया है। क्षेत्र के लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि इस पुल के निर्माण कार्य प्रारंभ होने के लगभग चार वर्ष बाद गंगा पर बिदुपुर-दीदारगंज महासेतु का निर्माण शुरू हुआ और बीते आठ वर्षों में इसका निर्माण कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है।

गंगा महासेतु निर्माण के लिए कई बार हो चुका है आंदोलन :
मोहनपुर के पर्यावरण सेवी सुजीत कुमार भगत एवं मोहिउद्दीन नगर के समाजसेवी भाई रंधीर ने कई बार आंदोलन किया परंतु इसका प्रभाव सरकार पर नहीं हो सका। समाजसेवी भाई रंधीर एवं सुजीत भगत ने मटिऔर, जौनापुर, चापर, डुमरी, चकसाहो, बाकरपुर, ताजपुर, कुरसाहा, करजान, अथमलगोला, बख्तियारपुर में जन संवाद कार्यक्रम किया था। इसके अलावा बख्तियारपुर, मोहनपुर, मोहिउद्दीननगर, पटोरी, मोरवा, सरायरंजन एवं ताजपुर प्रखंडों में व्यापक जन आंदोलन किया गया।

निर्माण एजेंसियों की लेट-लतीफी ने पहुंचाई काम में बाधा :
1602.74 करोड रुपए की लागत से पीपीपी मोड अंतर्गत बनने वाले बख्तियारपुर-ताजपुर फोरलेन पुल सह सड़क का निर्माण कार्य 30 नवंबर 2011 को प्रारंभ हुआ। 29 मई 2016 तक कार्य को पूरा करना था। कार्य की गति धीमी रहने के कारण जब समय पर निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ, तो विभाग ने पहली बार 31 जुलाई 2019 और बाद में 31 मई 2020 तक निर्माण कार्य पूरा करने की अवधि बढ़ा दी। इसके बावजूद कार्य पूरा नहीं हो सका।

विभागीय पत्र के अनुसार अब तक अद्यतन मात्र 49% भौतिक प्रगति हुई है। इस प्रोजेक्ट में बख्तियारपुर के करजान से एनएच 28, ताजपुर तक फोरलेन सड़क सह पुल सड़क का निर्माण होना है। इसमें लगभग 5.6 किमी पुल एवं 45.39 किमी संपर्क सड़क होगा। वर्तमान में प्रोजेक्ट के मुख्य गंगा पुल का फाउंडेशन एवं सबस्ट्रक्चर का कार्य पूरा कर लिया गया है। सिर्फ दो पिलर का निर्माण कार्य अधूरा है।

मई 2017 में मेन गंगा ब्रिज के सुपर स्ट्रक्चर सेगमेंट के लॉन्चिंग में उपयोग किए जा रहे गैंट्री का हिस्सा टूटकर गिरने के बाद निर्माण कार्य लगभग बंद हो गया। कार्य की गति अति मंथर होने के कारण 4 सितंबर 2020 को नोटिस भेजकर निर्माण कंपनी का एग्रीमेंट टर्मिनेट कर दिया गया।परंतु एक बार फिर नए सिरे से निर्माण कंपनी ने अपनी शर्तों के साथ निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।




