विभूतिपुर प्रखंड प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित, अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 23 और विपक्ष में दो मत पड़े

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समस्तीपुर/विभूतिपुर [विनय भूषण] :- विभूतिपुर प्रखंड प्रमुख रुपांजलि कुमारी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव व विशेष बैठक बुलाने की मांग को लेकर कुल 42 पंचायत समिति सदस्यों में से 27 ने विगत 5 जनवरी को एक हस्ताक्षरयुक्त आवेदन कार्यालय को प्राप्त कराया था। इस आलोक में कार्यपालक पदाधिकारी सह बीडीओ चंद्रमोहन पासवान ने विगत 11 जनवरी को कार्यालय से पत्र जारी कर विशेष बैठक की तिथि 19 जनवरी की तिथि मुकर्रर कर दी थी।
जिलाधिकारी द्वारा नियुक्त प्रेक्षक दलसिंह सराय डीसीएलआर अविनाश कुणाल और कार्यपालक पदाधिकारी सह बीडीओ चंद्रमोहन पासवान की मौजूदगी में शुक्रवार को पंचायत समिति सदस्यों की विशेष बैठक बुलाई गई। उपस्थिति के लिए तय अवधि सुबह 11:30 से दोपहर 12:30 तक प्रमुख समेत कुल 25 सदस्य बैठक में शामिल हुए। इसके बाद बीडीओ द्वारा सूचना दिए जाने के साथ पंचायत समिति भवन के मुख्य द्वार को तालाबंद कर दी गई।

विशेष बैठक की अध्यक्षता उप प्रमुख सुजीत कुमार चौधरी ने की। बैठक में सर्वप्रथम पंचायत समिति सदस्यों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के विषय से अवगत कराते हुए विचार-विमर्श किया गया। तत्पश्चात अध्यक्ष द्वारा अनुमति उपरांत मत विभाजन की प्रक्रिया शुरु की गई। बीडीओ द्वारा प्रारुप समझाने के बाद मत विभाजन में अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 23 मत और अविश्वास प्रस्ताव के विपक्ष में दो मत पड़े। इस प्रकार विभूतिपुर प्रखंड प्रमुख रुपांजलि कुमारी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव शुक्रवार को पारित हो गया। इसकी पुष्टि करते हुए बीडीओ व डीसीएलआर ने संयुक्त रुप से बताया कि प्रखंड प्रमुख का पद रिक्त हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग की सूचना और वरीय अधिकारियों के निर्णय अनुसार अग्रतर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं दूसरी तरफ विशेष बैठक को लेकर प्रखंड मुख्यालय परिसर में विधि व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु वरीय दंडाधिकारी सह अंचलाधिकारी अशोक कुमार यादव, दंडाधिकारी सह प्रखंड उद्यान पदाधिकारी सत्येन्द्र कुमार और कृषि समन्वयक अजीत कुमार ठाकुर के अलावा इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष संदीप कुमार पाल के नेतृत्व में पुलिस बलों की तैनाती की गई थी।

एसआई अरुण कुमार, मनोज कुमार आदि तत्परता से अपनी ड्यूटी को निभाते दिखे। इधर, प्रक्रिया के दौरान प्रखंड परिसर, ब्लॉक चौक कापन समेत बेरिकेटिंग के बाहरी भाग में प्रमुख के समर्थक डटे रहे। मत विभाजन की सूचना मिलने के साथ ये स्थल से खिसकते नजर आए। जबकि, विपक्षियों में काफी उत्साह देखा गया। कुछ मौन समर्थक चहलकदमी करते हुए गंतव्य तक पहुंचते रहे। अब, अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद कुछ लोगों के जुबां पर प्रमुख की कुर्सी छिन जाने तो कुछ लोगों के जुबां पर रिकवरी की गुंजाइश शेष की बातें तेज हो गई है। बहरहाल, अंतिम निर्णय आने तक लोगों को कयासों के दौर से गुजरना होगा।







