समस्तीपुर :- दुर्गा पूजा की तैयारी बड़े भव्य तौर पर चल रही है. कई इलाकों में पंडाल का निर्माण किया जा रहा है. वहीं, पूजन सामग्री की कीमत में 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है. ऐसे में लोगों की जेब पर मार पड़ सकता है. मालूम हो कि दुर्गा पूजा शक्ति की आराधना का पर्व है. इस दौरान श्रद्धालु नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना करते हैं. ऐसे में शारदीय नवरात्र की तैयारी को लेकर पूजन सामग्री के बाजार में चहल- पहल शुरू हो चुकी है. लेकिन, महंगाई का लोगों की जेब पर असर पड़ रहा है. बाजार में बढ़ती महंगाई का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है. पूजा के सामान का दाम बढ़ने के कारण लोग अपने बजट में कटौती कर रहे हैं. इस साल पूजन सामग्री की कीमतों में पिछले साल की तुलना में दस से 15 फीसदी का इजाफा दर्ज हुआ है.
पूजा सामग्री भंडार के दुकानदार बताते है कि सिंदूर से लेकर कपूर तक महंगे हो चुके हैं. सबसे ज्यादा कपूर की कीमत में इजाफा हुआ है. इसकी कीमत 1000 रुपये से बढ़ कर 1500 रुपये प्रति किलो तक हो चुकी है. गुगुल प्रति किलो की कीमत 1000 रुपये से बढ़कर 1200 रुपये तक पहुंच गई है. वहीं धूमन के दाम 400 रुपये से बढ़ कर 500 रुपये तक पहुंच चुका है. वहीं लोग भीड़ से बचने के लिए पूजन सामग्री की एडवांस बुकिंग भी कर रहे हैं.
सुपारी की कीमत 600- 800, कपूर 1000- 1500, हुमाद चैली 80 – 140, बना हुमाद 80- 150, गुगुल 1100- 1200, सिंदूर 300-400, धूमन 400- 500, घी 180 – 300, पीला सरसों 100, लौग- इलायची 2000- 3000, मिश्री दाना 70- 80, अरवा चावल 40- 50, आम की लकड़ी 20- 40, केसर 20- 300 प्रति ग्राम हो चुका है.
इस शारदीय नवरात्र पिछले साल की तुलना में ड्राई फ्रूट्स की कीमत में सौ रुपये तक की गिरावट दर्ज हुई है. शारदीय नवरात्र में ड्राई फ्रूट्स की मांग पांच गुना तक बढ़ती है. दुकानदारों के अनुसार आवक अधिक होने के कारण ड्राई फ्रूट्स की कीमत में गिरावट दर्ज हुई है. जानकारी के अनुसार, पिछले साल की तुलना में काजू,अखरोट, बादाम गिरी में सौ रुपये प्रति किलो तो किशमिश और सिंघाडा आटा में 50 रुपये प्रति किलो तक की कमी दर्ज हुई है. वहीं मखाना, छुहारा की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है. बताया जाता है कि नवरात्र के मौके पर सबसे अधिक मांग काजू, किशमिश, मखाना, मुंगफली दाना की मांग रहती है. इसके अलावा सिंघाड़ा और कट्टू के आटा और साबुदाना की मांग रहती है.
बता दें कि दुर्गा पूजा में पूजन सामग्री का खूब महत्व होता है. यह वह पर्व होता है जो मां दुर्गा को समर्पित होता है. नौ दिनों में मां के अलग- अलग रुप की पूजा होती है. इस साल शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ 15 अक्टूबर से होने जा रहा है. नवरात्रि के दिनों में देवी मां के अलग- अलग रूपों की पूजा होती है. दुर्गा मां की पूजा हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है. यह त्योहार अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक मनायी जाता है. इसमें दुर्गा मां की विधिवत पूजा और हवन किया जाता है. पूजा- पाठ में कोई दिक्कत नहीं हो इसके लिए पूजन सामग्री को जुटाने में लोग जुड़ गए है. मालूम हो कि इस पर्व में पूजन की सामग्री का विशेष महत्व है. पूजन विधि, हवन, माता- रानी के श्रृंगार की अलग- अलग सामग्री होती है. इसका खास महत्व भी होता है.
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